सिंगरौली, सोनभद्र। गुरुवार को सिंगरौली स्थित भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने एमडीआई, सिंगरौली में कोयला गुणवत्ता पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। एनसीएल द्वारा यह कार्यक्रम कोयला गुणवत्ता नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं तथा गुणवत्ता के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एनसीएल के निदेशक (तकनीकी), आशुतोष द्विवेदी द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र की सतत प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा तथा औद्योगिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कोयले की आपूर्ति से न केवल देश के विद्युत उत्पादन एवं औद्योगिक विकास को गति मिलती है, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास भी सुदृढ़ होता है। श्री द्विवेदी ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक कार्यों में गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स (एसओपी), वैज्ञानिक सैंपलिंग प्रणाली तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था को अपनाएँ। उन्होंने एनसीएल की कोयला गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को उत्कृष्टता का द्योतक बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कोयला गुणवत्ता के मूलभूत मानकों, इन-पिट गुणवत्ता नियंत्रण, कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) संचालन, साइजिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण, तृतीय पक्ष सैंपलिंग प्रोटोकॉल, शिकायत निवारण, मूल कारण विश्लेषण तथा सुधारात्मक उपायों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन गुणवत्ता नियंत्रण विभाग द्वारा महाप्रबंधक (गुणवत्ता नियंत्रण), डॉ. सी. पी. सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ओवरमैन, माइनिंग सरदार, विद्युत फोरमैन तथा कोयला प्रेषण एवं सीएचपी (सीएचपी) संचालन से जुड़े फ्रंटलाइन सुपरवाइजरों सहित 38 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
एनसीएल में कोयला गुणवत्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
