अनिल कुमार द्विवेदी ने ग्रहण किया प्रधान मुख्य संरक्षा  अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे का अतिरिक्त कार्यभार

Spread the love

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल कुमार द्विवेदी को 01 अगस्त 2026 से प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस दोहरे प्रभार के साथ, श्री द्विवेदी अब अपनी प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर की मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ एनसीआर के यांत्रिक एवं संरक्षा, दोनों विभागों का नेतृत्व करेंगे। उल्लेखनीय है कि उन्होंने 01 जनवरी 2026 को निवर्तमान अधिकारी श्री सुनील कुमार भारती की सेवानिवृत्ति के बाद पीसीएमई का पदभार ग्रहण किया था।

भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा के 1992 बैच के प्रतिष्ठित अधिकारी श्री द्विवेदी ने कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केएनआईटी), सुल्तानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें डीजल लोको शेड (गोंडा), लोको ऑपरेशन (लखनऊ), गोरखपुर वर्कशाप, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (सी एंड डब्ल्यू) प्रयागराज, तथा महाप्रबंधक के सचिव के रूप में उनका कार्यकाल शामिल है, जो उच्च स्तरीय प्रशासनिक दक्षता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उन्होंने अपर मंडल रेल प्रबंधक /प्रयागराज के रूप में भी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने अर्ध-कुंभ 2019 के सफल संचालन में नोडल अधिकारी के रूप में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, वे हाल ही में भारतीय रेलवे यांत्रिक और विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (इरिमी) में डीन के पद पर भी कार्यरत रहे हैं।

श्री द्विवेदी का करियर परिचालन एवं संरक्षा, दोनों मोर्चों पर उत्कृष्ट रिकॉर्ड को दर्शाता है। दक्षता एवं वित्तीय जिम्मेदारी के लिए उन्हें गोंडा डीजल शेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु रेल मंत्री पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, साथ ही अर्ध-कुंभ जैसे मेगा-इवेंट की त्रुटिहीन एवं सुरक्षित योजना के लिए वरिष्ठ रेलवे व शासकीय नेतृत्व से प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हुए हैं। रेलवे अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि श्री द्विवेदी का यह दोहरा प्रभार यांत्रिक एवं संरक्षा शाखाओं के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करेगा, जिससे एनसीआर में परिचालन दक्षता, परिसंपत्ति विश्वसनीयता एवं यात्री सुरक्षा मानकों को और बल मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *