बेगूसराय। एनटीपीसी बरौनी थर्मल पावर स्टेशन में मंगलवार को हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) रिसाव आधारित रासायनिक आपदा (केमिकल इमरजेंसी) मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। एनटीपीसी सुरक्षा विभाग एवं सीआईएसएफ अग्निशमन शाखा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य रासायनिक आपातकालीन स्थिति में संयंत्र की तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तथा त्वरित आपदा प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल का निरीक्षण बेगूसराय के कारखाना निरीक्षक प्रवीण कुमार प्रभात, एनटीपीसी बरौनी के परियोजना प्रमुख जॉयदीप घोष, सीजीएम (ओ एंड एम) अनिल कुमार त्रिपाठी, सीआईएसएफ यूनिट के उप कमांडेंट आकाश सक्सेना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इस दौरान राज्य अग्निशमन सेवा, एचयूआरएल की म्यूचुअल एड टीम तथा आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। इस दौरान अस्पताल की एम्बुलेंस, म्यूचुअल एड टीम तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभ्यास की शुरुआत सेवा भवन में आयोजित ब्रीफिंग सत्र से हुई, जिसमें सहायक कमांडेंट (अग्नि) भास्कर दास ने मॉक ड्रिल की रूपरेखा, विभिन्न एजेंसियों की भूमिका तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी। इसके बाद हाइड्रोक्लोरिक एसिड रिसाव की संभावित स्थिति में सीआईएसएफ अग्निशमन दल ने त्वरित बचाव अभियान चलाकर सुरक्षित निकासी, रसायन नियंत्रण एवं आपदा प्रतिक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। ड्रिल के समापन पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कारखाना निरीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने एनटीपीसी बरौनी की आपदा प्रबंधन प्रणाली, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने कहा कि ऐसे नियमित अभ्यास औद्योगिक सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाते हैं तथा इनके अनुभवों को भविष्य की आपदा प्रबंधन योजना में शामिल किया जाएगा।
