सासन गिर (गुजरात)। गिर वन के सबसे चर्चित और लोकप्रिय शेरों की जोड़ी ‘जय-वीरू’ की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्यसभा सांसद एवं वन्यजीव प्रेमी परिमल नथवाणी ने सासन गिर स्थित सिंह सदन और देवलिया सफारी पार्क में बैकलिट स्मृति बोर्ड का अनावरण किया। इस अवसर पर वन संरक्षक (वन्यजीव), जूनागढ़ राम रतन नाला तथा वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। परिमल नथवाणी ने कहा कि जय-वीरू गिर के इतिहास की सबसे साहसी और लोकप्रिय शेरों की जोड़ियों में शामिल रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि गिर आने वाला हर पर्यटक और वन्यजीव प्रेमी इस ऐतिहासिक जोड़ी की विरासत से परिचित हो सके।
उन्होंने बताया कि दोनों शेरों के नामकरण में भी उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों के साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी, इसलिए यह श्रद्धांजलि उनके लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखती है।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष के बाद जय और वीरू की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिमल नथवाणी ने उनकी स्मृति में “जय-वीरू की जोड़ी” नामक लोक शैली का गीत तथा “जय-वीरू की अमर गाथा” शीर्षक से एक वृत्तचित्र भी प्रस्तुत किया था।जय-वीरू की जोड़ी वर्षों तक गिर के मालणका, केनेडीपुर, नताडिया, इटाडी और लिमद्रा क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रही। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच यह जोड़ी अपनी बहादुरी, आपसी तालमेल और अटूट साथ के लिए आज भी याद की जाती है।
