हजारीबाग।लगभग दस माह पूर्व एनएमएल पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना ने परियोजना प्रभावित परिवारों के बच्चों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी शैक्षणिक पहल की शुरुआत की थी। आज यह पहल केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों को साकार करने का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है।
‘तरंग’ नाम से संचालित इस विशेष कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित गांवों के दसवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को IIT-JEE एवं NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। पिछले दस महीनों में इस पहल ने अनेक विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास जगाया है और उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि प्रतिभा अवसरों की मोहताज नहीं होती।
विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों को IIT-JEE की तैयारी IIT से शिक्षित अनुभवी शिक्षकों द्वारा तथा NEET की तैयारी विषय विशेषज्ञ संकायों द्वारा कराई जा रही है। प्रशिक्षण सीकरी साइट स्थित कार्यालय परिसर में दी जा रही है, जहां आधुनिक कक्षाएं, अध्ययन सामग्री और सीखने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
बड़कागांव और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग संस्थानों की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है। बेहतर तैयारी के लिए छात्रों को रांची, पटना, कोटा या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की कठिनाइयां उत्पन्न होती थीं। ऐसे समय में एनएमएल की यह पहल स्थानीय छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
आज इस कार्यक्रम के विद्यार्थी नियमित रूप से मॉक टेस्ट, विषयवार मूल्यांकन और प्रतियोगी परीक्षा आधारित अध्ययन पद्धति के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। कई विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है और मेडिकल एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने के अपने सपनों को नई मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
इस पहल के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए सुब्रत कुमार दास,पकरी बरवाडीह एवं पीबी-नॉर्थ वेस्ट ने कहा, “शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। हमारा प्रयास केवल कोचिंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को ऐसे अवसर प्रदान करना है जिससे वे देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों तक पहुंच सकें। पिछले दस महीनों में विद्यार्थियों के भीतर आया आत्मविश्वास और सीखने की ललक हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में इसी पहल से निकलने वाले छात्र डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न क्षेत्रों के सफल पेशेवर बनकर अपने परिवार, क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेंगे।”
एनएमएल पकरी बरवाडीह की यह पहल कंपनी की सामाजिक उत्तरदायित्व और समावेशी विकास की सोच का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह कार्यक्रम केवल शिक्षा प्रदान नहीं कर रहा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के भीतर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस भी जगा रहा है। आने वाले समय में जब इन विद्यार्थियों की सफलता की कहानियां सामने आएंगी, तब ‘तरंग’ वास्तव में उस सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बनेगी जिसने गांवों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान दी।
