केंद्रीय पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं विश्व स्तरीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए मंथन 

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वाराणसी। वाराणसी में पर्यटन विकास एवं विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक कमिश्नरी सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, वीसी वीडीए पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार समेत जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान वाराणसी में पर्यटन की विश्व स्तरीय सुविधाओं के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत संबंधी पर्यटन को और अधिक सशक्त बनाने, पर्यटकों हेतु आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, यातायात की बेहतर व्यवस्था तथा पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर बल दिया गया।

केंद्रीय पर्यटन सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाराणसी आने वाले देशी एवं विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने हेतु सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने पर्यटन से जुड़े नए निवेश एवं रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

मंडलायुक्त एस राजलिंगम द्वारा वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स से सभी को अवगत कराया तथा टूर ऑपरेटर्स, होटल्स, टूरिस्ट गाइड आदि संगठनों से उनके सुझाव भी मांगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के विकास, डिजिटल सूचना प्रणाली तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति, व्यंजन आदि के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में टूरिज्म से जुड़े विभिन्न एसोसिएशन के लोग उपस्थित रहे जिन्होंने अपने सुझाव सचिव के समक्ष रखते हुए उन्हें शामिल करने की बात कही। घरेलू पर्यटन बढ़ाने हेतु यूपी टूरिज्म के रोडशो आयोजित करने के सुझाव भी संस्थानों द्वारा दिए गए। पिछले बारह वर्षों में वाराणसी के सर्वांगीण विकास में लगभग 55000 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी। अभी भी जहां और बेहतर कार्य करने है उन पर प्राथमिकता से ध्यान दिये जाने की बात कही गई। बैठक में ट्रैफिक की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर भी चर्चा हुई।

होटल एसोसिएशन द्वारा पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु प्रशासनिक स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने, गंगा के उस पार को जोड़ने हेतु सिग्नेचर ब्रिज बनाए जाने का सुझाव दिए। घाट एसोसिएशन के राजेश्वर सिंह द्वारा भी पर्यटन विकास हेतु सुझाव दिए गए। इस पर पर्यटन सचिव द्वारा उसके उचित क्रियान्वयन की बात कही गई। पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग के रेट हेतु साइनेजेज लगाने का सुझाव दिया गया जिससे व्यवस्था पारदर्शी रहे। स्विगी द्वारा भी प्रमुख व्यंजनों की मार्केटिंग हेतु प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम पुनर्निर्माण के बाद 2021-25 तक लगभग 44 करोड़ पर्यटक वाराणसी आए हैं जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने वाराणसी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

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