भागलपुर । सोमवार की रात्रि में ग्राम लालूकिट्टा, पोस्ट-रामपुर, थाना-शिवनारायणपुर निवासी बालिका को सर्पदंश की गंभीर अवस्था में जीवन ज्योति अस्पताल, एनटीपीसी कहलगांव के आकस्मिक विभाग में लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय मरीज अति गंभीर अवस्था में थी। वह किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी, नाड़ी महसूस नहीं हो रही थी तथा श्वास की कोई स्पष्ट गतिविधि नहीं थी। अस्पताल के निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. बबीता एवं आकस्मिकी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयेंद्र ने कैजुअल्टी स्टाफ के साथ बिना समय गंवाए तत्काल उपचार प्रारंभ किया। मरीज की श्वास बंद होने के कारण डॉ. बबीता द्वारा तुरंत इंट्यूबेशन करने के पश्चात ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ कृत्रिम श्वसन प्रारंभ कर दिया गया। मरीज को एंटी स्नेक वेनम (ASV) की लगभग 25 वायल प्रारंभिक रूप से दी गई तथा अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपचार लगातार जारी रखा गया।
समय पर एवं समुचित उपचार के परिणामस्वरूप मरीज में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। मरीज ने स्वयं आंखें खोलना शुरू किया, स्वतः श्वास प्रयास वापस आए तथा हाथ-पैरों में हरकत शुरू हुई। बाद में मरीज पूछे गए प्रश्नों पर सिर हिलाकर प्रतिक्रिया देने लगी। रात्रि लगभग 2:00 बजे मरीज को सफलतापूर्वक एक्सट्यूबेट कर दिया गया। वर्तमान में मरीज स्वयं अच्छी तरह श्वास ले रही है, ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य है तथा वह मौखिक आदेशों का पालन कर रही है। उसकी स्थिति अब स्थिर एवं संतोषजनक है।
जीवन ज्योति अस्पताल, एनटीपीसी कहलगांव विगत कई वर्षों से सर्पदंश पीड़ितों के सफल उपचार एवं जीवनरक्षा के लिए क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सकों, आपातकालीन सुविधाओं एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के कारण अनेक गंभीर सर्पदंश पीड़ितों का सफल उपचार किया गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ कृष्ण कान्त चौधरी ने आमजन से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में किसी प्रकार के झाड़-फूंक या देरी से बचें तथा मरीज को तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर उपचार से जीवन बचाया जा सकता है।
