राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र ने समावेशी विकास एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। इस पहल से राउरकेला के पार्श्वांचल गांवों एवं औद्योगिक झुग्गी बस्तियों के हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं।
निःशुल्क स्वास्थ्य केन्द्रों, चिकित्सा सहायता केन्द्रों, मोबाइल मेडिकल यूनिट, बहु-आयामी स्वास्थ्य शिविरों तथा नेत्र देखभाल शिविरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से आरएसपी, कुआरमुंडा, लाठीकटा, नुआगांव एवं बिसरा प्रखंडों के वंचित समुदायों तथा स्टील टाउनशिप की मलिन बस्तियों में बुनियादी एवं विशेष स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। जालडा पुनर्वास कॉलोनी (लाठीकटा प्रखंड), चिकटमाटी आदर्श इस्पात ग्राम (कुआरमुंडा प्रखंड)) तथा इस्पात संजीवनी, सेक्टर-6 स्थित निःशुल्क स्वास्थ्य केन्द्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए परामर्श, उपचार एवं आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराकर एक महत्वपूर्ण सहारा बने हुए हैं। ये केन्द्र सप्ताह में छह दिन संचालित होते हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से 25 पर्श्वांचल गांवों में चिकित्सा सहायता केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ सामान्य रोगों, मातृ एवं शिशु देखभाल तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मोबाइल मेडिकल यूनिट इस्पात नगरी की औद्योगिक झुग्गी बस्तियों में निरंतर संचालित रही, जहाँ जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ, दवाइयाँ एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
वर्ष की एक प्रमुख उपलब्धि चार पार्श्वांचल प्रखंडों के कचारू, फुलझर, बिरडा, सारूबहाल एवं बागडेगा में आयोजित पाँच बहु-आयामी स्वास्थ्य शिविर रहे, जिनसे लगभग एक हजार मरीज लाभान्वित हुए। इन शिविरों में नेत्र चिकित्सा, ईएनटी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, सामान्य चिकित्सा, त्वचा रोग तथा बाल रोग संबंधी विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किए गए। उल्लेखनीय रूप से, उन्नत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले 134 मरीजों को आगे की जाँच एवं निःशुल्क उपचार हेतु इस्पात जनरल अस्पताल भेजा गया। एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि सेंट्यूरियन विश्वविद्यालय के सहयोग से संचालित मोबाइल नेत्र देखभाल शिविर कार्यक्रम रहा, जिसके अंतर्गत बिसरा, लाठीकटा एवं कुआरमुंडा प्रखंडों के विभिन्न क्षेत्रों में 1467 मरीजों का उपचार किया गया तथा 873 चश्मों का वितरण किया गया।
इसके अतिरिक्त, आरएसपी-सीएसआर ने दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने हेतु विभिन्न शिविरों में 80 लाभार्थियों को 142 सहायक उपकरण वितरित किए, जिनकी कुल लागत 16.33 लाख रुपये रही। दीपिका महिला संघति के माध्यम से हमीरपुर क्षेत्र, सेक्टर-5, राउरकेला तथा अन्य स्थानों पर समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य जाँच कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना तथा महिलाओं एवं परिवारों के लिए स्वास्थ्य सहयोग को सुदृढ़ करना रहा।
