आसनसोल।भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का दौरा किया। उनके आगमन पर ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री सतीश झा ने कंपनी के निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह दौरा कंपनी की परिचालन उपलब्धियों, प्रगतिशील पहलों तथा भविष्य की विकास रणनीति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। इस दौरान उत्पादन, कोयला प्रेषण, खान सुरक्षा, परिचालन दक्षता एवं ईसीएल द्वारा संचालित सतत विकास पहलों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय मंत्री ने ईसीएल के कुनुस्तोरिया क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने निदेशक (वित्त) मोहम्मद अंजार आलम, निदेशक (कार्मिक) गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (तकनीकी) गिरिश गोपीनाथन नायर, वरिष्ठ अधिकारियों, महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में उनका स्वागत किया। इस अवसर पर माननीय मंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान दुबे ने कोयला उत्पादन एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के मध्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया तथा आधुनिक, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ईसीएल की परिचालन क्षमता को और सुदृढ़ बनाने हेतु तकनीकी उन्नयन, संसाधनों के कुशल उपयोग एवं सुरक्षा मानकों में निरंतर सुधार के महत्व को रेखांकित किया।
भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के प्रयासों की सराहना करते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विभिन्न परिचालन एवं बाह्य चुनौतियों के बावजूद कंपनी के सराहनीय प्रदर्शन के लिए टीम ईसीएल को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से गहराई में स्थित कोयले के प्रभावी उपयोग हेतु अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन, खनन समाप्त भूमि के पुनः उपयोग के उद्देश्य से वैज्ञानिक माइंस क्लोजर गतिविधियों, वायु प्रदूषण में कमी एवं कोयले के त्वरित परिवहन हेतु फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (FMC) परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा सौर ऊर्जा संयंत्रों के विस्तार जैसी पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घोषित कोयला भंडार की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित एवं समय-समय पर स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट एवं विश्वभर में उभरती ऊर्जा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए माननीय मंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा संसाधनों के इष्टतम उपयोग के साथ परिचालन स्थिरता बनाए रखने में ईसीएल की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपने अगले दौरे तक ईसीएल सभी परिचालन एवं विकासात्मक मानकों पर और अधिक उन्नत उपलब्धियां प्राप्त करेगा तथा विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
माननीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कोयला मंत्रालय के मदद से संबंधित विभिन्न विषयों (जो केंद्र एवं राज्य की विभिन्न प्राधिकरणों से संबंधित हैं) तथा विकासात्मक मामलों को एक समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि कोयला मंत्रालय द्वारा राज्य एवं केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जा सके।
माननीय मंत्री ने कंपनी की उत्पादकता बढ़ाने एवं दीर्घकालिक विकास को गति देने हेतु महत्वपूर्ण नीतिगत मार्गदर्शन एवं रणनीतिक सुझाव भी प्रदान किए। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने टीम ईसीएल की समर्पित भावना एवं सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की।
ईसीएल को कोल इंडिया लिमिटेड की सबसे पुरानी एवं प्रमुख सहायक कंपनियों में से एक बताते हुए दुबे ने कंपनी की भावी संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया तथा देश की कोयला एवं ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में उसके निरंतर योगदान की सराहना की।
