दुद्धी, सोनभद्र। दुद्धी नगर पंचायत में 2023 में पहली बार किसी राजनीतिक दल का चेयरमैन बने तो नगरवासियों में उम्मीद जगी कि अब दुद्धी का चहुमुखी विकास होगा और इसके लिए नगर पंचायत अध्यक्ष भी लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन स्थायी ईओ नही मिलने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। वर्तमान में नवरात्रि और दशहरा जैसे पर्व में भी दुद्धी ईओ विहीन है।दुद्धी कभी स्टेट हुआ करता था मगर आज अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। पूरा विधानसभा सत्र खत्म होने चला मगर दुद्धी को स्थायी विधायक नहीं मिल सका और न नगर पंचायत के तीन साल बीतने के बाद भी स्थायी इओ। लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि न जाने दुद्धी को किसकी नजर लग गयी कि ऐसा दिन देखना पड़ रहा है।
नगर पंचायत की बात करें तो तीन साल में अब तक 9 इओ बदल चुके है। यदि आप इओ के कार्यकाल का बोर्ड देखेंगे तो आप भी हैरान रह जायेंगे, इतनी जल्दी जल्दी ट्रांसफर हुआ कि किसी को कारण समझ में नहीं आ रहा। आकांक्षा गौतम तो महज 5 दिन ही टिक सकी, जबकि संजय कुमार तीन महीने में चलते बने। वर्तमान ईओ अजय कुमार निषाद का भी ट्रांसफर हो गया है, अब नगर पंचायत पूरी तरह मुखिया विहीन हो गया और 10 वें ईओ का इंतजार है।
नगर पंचायत कार्यालय में इतनी पंचायत है कि अधिकारी नहीं टिक पाते और अपना तबादला करा लेते हैं। यह दुर्भाग्य है कि न दुद्धी को स्थायी विधायक मिल सके और न इओ। लोगों का कहना है कि वर्षों से प्रभारी ईओ से काम चलाया जा रहा है। जिससे नगर विकास पर न चर्चा हो पाती है और न प्रस्ताव बन पाते हैं।
दुद्धी नगर पंचायत को क्यों नहीं मिल रहे स्थायी ईओ, 9 ईओ बदले अब 10 वें का इंतजार
