रक्तदान शिविरों की तैयारियों को लेकर सीएमओ ने की बैठक* आइए, रक्तदान कर मानव सेवा और जनसेवा के इस संकल्प को मजबूत करें- सीएमओ
वाराणसी। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को वाराणसी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। अभियान के प्रथम दिन जनपद में वृहद रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन पी सिंह के अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं को निर्देशित किया कि रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक डोनर की रक्तदान से पूर्व निर्धारित मानकों के अनुसार वजन, रक्तचाप एवं आवश्यक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए। पात्र पाए जाने वाले डोनर से ही रक्तदान कराया जाए तथा रक्तदान के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी रक्तदान स्थलों पर स्वच्छता एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था रखने तथा शिविर में तैनात सभी कार्मिकों को निर्धारित ड्रेस में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। रक्तदान के पश्चात सभी डोनरों को रिफ्रेशमेंट के साथ रक्तदान प्रमाणपत्र तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी स्वास्थ्य नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान कर इस पुनीत अभियान में सहभागी बनें। आपका दिया हुआ रक्त किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रक्तदान कर मानव सेवा और जनसेवा के इस संकल्प को मजबूत करें।
इस तैयारी बैठक में डॉ. संजय राय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी कार्यक्रम, डॉ. अतुल सिंह, चिकित्सा अधिकारी एवं सह-नोडल अधिकारी, डॉ. नवीन सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जुबान अली, औषधि निरीक्षक सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी ब्लड बैंकों तथा चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय, आईएमए, आईएमएस बीएचयू, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज, हेरिटेज हॉस्पिटल ब्लड बैंक, एपेक्स हॉस्पिटल, स्वामी हरसंकरानंद ब्लड बैंक, अमृताशा ब्लड बैंक, गंगा सेवा सदन कंपोनेंट ब्लड बैंक, कालिंदी ब्लड बैंक एवं पॉपुलर हॉस्पिटल ब्लड बैंक सहित कुल 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बैठक में रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन, डोनरों की सुविधा, आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाओं तथा विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
