मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने जनपद गोरखपुर में 46 एकड़ भूमि पर 393 करोड़ रु0 की लागत के अत्याधुनिक अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के प्रथम चरण के कार्यां का भूमिपूजन कर शिलान्यास किया
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज जनपद गोरखपुर में 46 एकड़ भूमि पर 393 करोड़ रुपये की लागत निर्मित होने वाले अत्याधुनिक अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के प्रथम चरण के कार्यां का भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। 30,000 दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में 04 हाई मास्ट स्पोर्ट्स लाइटिंग सिस्टम, मुख्य मैदान में 07 प्लेइंग पिच, 08 प्रैक्टिस पिच तथा प्रवेश एवं निकास के लिए 08 गेट की व्यवस्था होगी। स्टेडियम अग्नि सुरक्षा, भूकम्परोधी उपायों, ऊर्जा दक्ष प्रणालियों, एल0ई0डी0 प्रकाश व्यवस्था तथा अत्याधुनिक हीटिंग, वेन्टिलेशन एवं एयर कण्डीशनिंग से युक्त होगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रतिभाशाली युवा अपने सामर्थ्य से प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को निरन्तर विकसित कर रही है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों को ‘खेलो इण्डिया’ का स्लोगन दिया था। उन्होंने ‘फिट इण्डिया मूवमेन्ट’, ‘सांसद खेलकूद प्रतियोगिता’ को आगे बढ़ाया था। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से देश में नई खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए तत्कालीन केन्द्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से निवेदन किया गया था, तब उन्होंने तत्काल 100 करोड़ रुपये की सहायता देकर स्टेडियम का निर्माण शुरू करने पर अपनी सहमति प्रदान की थी। आज वह स्वयं इस स्टेडियम के शिलान्यास के साक्षी बने हैं। यह अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम 30,000 दर्शक क्षमता का होगा। स्टेडियम का निर्माण 46 एकड़ भूमि में किया जा रहा है। यहां पार्किंग व अन्य बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 60 एकड़ भूमि रिजर्व रखी गयी है।

स्टेडियम के बगल में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। यहां इण्डोर गेम, हॉकी तथा अन्य खेलकूद गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। यहां पर अब होटल, रेस्टोरेंट व मार्केट बनेंगे। आज से कुछ वर्ष पूर्व तक यह क्षेत्र उपेक्षित व बंजर पड़ा हुआ था। अब यह भूमि पूरी तरह कब्जा मुक्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने खेल नीति बनाकर ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड व वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से 534 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। ललित उपाध्याय, सुश्री दीप्ति शर्मा, सुश्री पारुल चौधरी, अखिल श्योराण, अर्जुन देशवाल, प्रवीण कुमार और राजकुमार पाल को डिप्टी एस0पी0 के पद तथा विजय कुमार यादव व सुश्री दिव्या काकरन को नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्ति दी गयी है।
अर्जुन सिंह को यात्री/माल कर अधिकारी, सुश्री प्राची तथा पुनीत कुमार को जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं प्रादेशिक दल अधिकारी, अजीत सिंह सुश्री सिमरन को जिला पंचायतीराज अधिकारी, सुश्री प्रीति पाल को खण्ड विकास अधिकारी तथा रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के रूप में नियुक्ति प्रदान की गयी है। इसी प्रकार 500 अन्य खिलाड़ियों के लिए नई भर्ती निकाली गयी है, जिसमें शीघ्र ही ओलम्पिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ व वर्ल्ड चैम्पियनशिप तथा किसी भी नेशनल चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उन सभी खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित करती है, जो देश के लिए मेडल जीतते हैं। वर्ष 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। भारत ने वर्ष 2036 के ओलम्पिक के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। प्रधानमंत्री जी इन प्रतियोगिताओं को भारत में आयोजित कराकर भारत की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को अपनी ही जमीन पर अपना सामर्थ्य दिखाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व तक गोरखपुर से वाराणसी जाने में चार से पांच घण्टे लगते थे। अब मात्र ढाई घण्टे में गोरखपुर से वाराणसी पहुंचा जा सकता है। 10 वर्ष पूर्व लखनऊ पहुंचने में 08 घण्टे का समय लगता था, लेकिन आज 03 घण्टे में हम लखनऊ की दूरी तय कर सकते हैं।
केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी भी योजना की बारीकियों को समझकर उसका क्रियान्वयन करते है। वह विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव पर त्वरित निर्णय लेते है। उनके नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में जाना जाता है। पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे आज केवल एक सड़क ही नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवन रेखा बन चुके है। आज उत्तर प्रदेश विकास और विश्वास का नया प्रतीक बना है। ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश सरकार द्वारा हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। बायोगैस, कम्प्रेस्ड गैस में उत्तर प्रदेश ने कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया है।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि आज गोरखपुर को एक अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम की सौगात प्राप्त हो रही है। पहले यहां के युवाओं के लिए इस प्रकार के स्टेडियम की उपलब्धता नहीं थी। अब यहां के युवाओं को बेहतरीन खेल अवसंरचना प्राप्त होगी। कार्यक्रम को खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव तथा सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में खेलों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। इस अवसर पर मत्स्य मंत्री संजय निषाद अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
