सोनभद्र। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की अग्निशमन शाखा द्वारा एनटीपीसी सिंगरौली में दिनांक 14 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा जागरूक समाज – आग की रोकथाम हेतु सामूहिक प्रयास” विषय पर राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सप्ताह भर आयोजित इस व्यापक जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रशिक्षण सत्र, अग्नि सुरक्षा प्रदर्शन, मॉक ड्रिल, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में एनटीपीसी सिंगरौली के प्रशासनिक भवन में व्यापक अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया एवं सुरक्षा उपायों के प्रति प्रशिक्षित एवं जागरूक किया गया।
सिंगरौली (शक्तिनगर) स्थित संजीवनी अस्पताल में सीआईएसएफ अग्निशमन टीम द्वारा विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अग्नि से संबंधित संभावित जोखिमों, उनकी रोकथाम, अग्निशामक यंत्रों के प्रकार एवं उपयोग तथा आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
दिनांक 20 अप्रैल 2026 को सायंकाल कर्मचारी विकास केंद्र (ईडीसी) में इस सप्ताह के समापन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सी.एच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती प्रज्ञा नायक, अध्यक्षा (वनिता समाज) उपस्थित रहे। समारोह में रश्मिरंजन मोहंती, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट), तरुण दत्ता, सहायक कमांडेंट(अग्नि), सीआईएसएफ, सिद्धार्थ मण्डल, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, वनिता समाज की सम्माननीय सदस्याएं, एनटीपीसी कर्मचारियों के परिवार जन, विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ, यूनियन एसोसिएशन के मानद प्रतिनिधिगण आदि सम्मिलित हुए। इस अवसर पर सीआईएसएफ के जवानों द्वारा अग्नि सुरक्षा विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को जागरूक करने के साथ-साथ सुरक्षा संदेश को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रसारित किया।
समापन समारोह के दौरान सप्ताह भर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरित किए गए। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा, “अग्नि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी कार्य संस्कृति एवं जीवन शैली का अभिन्न अंग होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को आग से संबंधित संभावित जोखिमों की जानकारी रखते हुए सतर्क रहना आवश्यक है। समय पर की गई सजगता, उचित प्रशिक्षण एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से हम बड़ी से बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों, बल्कि उनके परिवारों एवं समाज के विभिन्न वर्गों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता को भी सुदृढ़ करते हैं।”
इस अवसर पर तरुण दत्ता, सहायक कमांडेंट (अग्नि), सीआईएसएफ ने कहा, “अग्नि सुरक्षा केवल एक विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, प्रशिक्षण एवं समय पर की गई सतर्क कार्रवाई से ही हम संभावित दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं। इस प्रकार के अभियान समाज में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”यह सप्ताह न केवल जागरूकता प्रसार में अत्यंत सफल रहा, अपितु कर्मचारियों, उनके परिवारों एवं समाज के विभिन्न वर्गों में अग्नि सुरक्षा के प्रति सजगता, उत्तरदायित्व एवं सामूहिक सहभागिता की भावना को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
