सोनभद्र की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

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सोनभद्र। जनपद सोनभद्र द्वारा शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में किए जा रहे निरंतर नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान नई दिल्ली द्वारा शिक्षा प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत जनपद सोनभद्र की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। नई दिल्ली में 02 एवं 03 सितम्बर,2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके अभिनव कार्यों एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि जनपद सोनभद्र के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी एक अवसर अथवा एक परियोजना का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों, प्रौद्योगिकी और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों की परिणति है। जनपद का भौगोलिक क्षेत्रफल विस्तृत होने तथा अनेक विद्यालयों के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्थित होने के कारण विद्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षिक संसाधनों से संबंधित सूचनाओं का समयबद्ध संकलन, विश्लेषण एवं उपयोग सदैव एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आवश्यकता रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा प्रशासन में आंकड़ा आधारित निर्णय-निर्धारण की व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ किया गया।
जनपद में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की इस यात्रा को पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त हो चुकी है। एनआईईपीए द्वारा प्रकाशित शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के संकलन 2018दृ19 में सोनभद्र की “आधारभूत संरचना, नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित तात्कालिक आंकड़ों के प्रबंधन को सुदृढ़ करना” विषयक पहल को स्थान दिया गया था। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों की आधारभूत संरचना, छात्र नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित सूचनाओं के त्वरित संकलन एवं प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की गई थी। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर संकलित सूचनाओं के आधार पर समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में इस व्यवस्था से महत्वपूर्ण सहायता मिली।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता के विकास की नियमित निगरानी के लिए जनपद में निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित एवं संचालित किया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की नियमित निगरानी, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति का विश्लेषण, अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की पहचान तथा आवश्यकता के अनुरूप उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।
इस व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध आंकड़ों को केवल सूचनाओं के संकलन तक सीमित न रखते हुए उन्हें निर्णय-निर्धारण एवं आवश्यक शैक्षिक हस्तक्षेप से जोड़ा गया।
इस अभिनव पहल के विकास एवं प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग, विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के साथ तकनीकी सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।  इसके संचालन एवं अनुश्रवण की कार्यप्रणाली को धरातल पर लागू करने में डॉ. सूर्य प्रकाश सहित संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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