सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी लोकतंत्र को समाप्त करने का संकेत – भागीरथी मौर्य

Spread the love

सोनभद्र। जन अधिकार पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद 60 वर्षीय सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतंत्र को समाप्त करने का संकेत है। भागीरथी सिंह मौर्य ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक एवं उनके समर्थक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान सोनम वांगचुक के साथ धक्का-मुक्की कर घसीटकर गिरफ्तार करने के बाद अस्पताल ले जाना सरकार का अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही रवैया दर्शाता है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर वार्ता करनी चाहिए। ऐसा न करना यह साबित करता है कि सरकार धरना प्रदर्शन से डरी हुई है। 

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का विरोध करने पर समर्थकों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक समाप्त करना लोकतांत्रिक परम्पराओं के अनुरूप नहीं है। भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाए, ताकि जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *