शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलरेटर भारत और सब-सहारन अफ्रीका में महिलाओं के डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने में अग्रणी

Spread the love

भारत में शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलरेटर को रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन का सहयोग मिलेगा

 दिल्ली। रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के डिजिटल समावेशन को मजबूत और तेज़ करने के लिए एक नई पहल – शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलरेटर – की आज घोषणा की गई। इस एक्सेलरेटर का उद्देश्य सिद्ध और उच्च प्रभाव वाले डिजिटल समाधानों को अपनाकर महिलाओं और किशोरियों के जीवन स्तर और आजीविका में सुधार लाना है।अगले तीन वर्षों में ₹200 करोड़ की यह पहल महिलाओं के डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संचालित अनुसंधानों को समर्थन देने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी। भारत में इस एक्सेलरेटर को रिलायंस फाउंडेशन का सहयोग मिलेगा, जो प्रमाण-आधारित और प्रभावी समाधानों की पहचान कर उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करेगा। गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर यह पहल दक्षिण एशिया और दक्षिण अफ्रीका, विशेष रूप से भारत और सहारा क्षेत्र के अफ्रीकी देशों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेगी।

पिछले एक दशक में भारत और सब-सहारन अफ्रीका ने महिलाओं के लिए डिजिटल पहुंच, भागीदारी और अवसर बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलरेटर का उद्देश्य तीन-स्तरीय दृष्टिकोण के माध्यम से डिजिटल क्षेत्र में लैंगिक अंतर को कम करना है:

अनुदान, पुरस्कार या तकनीकी सहायता के माध्यम से प्रमाण-आधारित समाधानों का विस्तार

पुरस्कार विजेताओं के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग और ज्ञान साझा करना

सफल मॉडलों को अपनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम को सहयोग देना

रिलायंस फाउंडेशन की चीफ – महिला सशक्तिकरण, सुश्री एन. दीप्ति रेड्डी ने कहा: “डिजिटल दुनिया में पूरी भागीदारी के लिए महिलाओं को आवश्यक साधनों और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना अधिक समान भविष्य के लिए अनिवार्य है। सशक्त महिलाएं न केवल अपनी प्रगति करती हैं, बल्कि समाज में परिवर्तन का माध्यम भी बनती हैं। भारत में रिलायंस फाउंडेशन इस पहल के माध्यम से लैंगिक डिजिटल अंतर को कम करने और महिलाओं की स्वायत्तता बढ़ाने के प्रयासों को समर्थन देगा। हम भारत में ऐसे प्रयासों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाएंगे और उनके अनुभवों को ग्लोबल साउथ के साथ साझा करेंगे।”

गेट्स फाउंडेशन की डिप्टी डायरेक्टर – जेंडर इक्वालिटी, सुश्री साची भल्ला ने कहा: “ग्लोबल साउथ में महिलाएं अभी भी डिजिटल तकनीक का उपयोग करने और उससे लाभ उठाने में कई बाधाओं का सामना कर रही हैं। भारत और कई अफ्रीकी देशों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए प्रेरणा और सीख प्रदान करती है। यह एक्सेलरेटर स्थानीय स्तर के नवाचारों को समर्थन देने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे महिलाओं के लिए अधिक समावेशी डिजिटल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।”

भारत में यह पहल 2010 से महिलाओं के समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति रिलायंस फाउंडेशन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर आधारित है। पिछले तीन वर्षों में फाउंडेशन ने नवाचारों को बढ़ावा देकर देशभर में 6 लाख से अधिक महिलाओं के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग आसान बनाया है। महिलाओं द्वारा डिजिटल तकनीक को अपनाने की गति बढ़ाकर, इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2030 तक डिजिटल लैंगिक अंतर को आधा करने के वैश्विक लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देना है। यह लक्ष्य 2023 में भारत की अध्यक्षता में G20 नेताओं द्वारा घोषित किया गया था, जिसका उद्देश्य सभी के लिए अधिक समावेशी और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *