रेलवे सुरक्षा बल का ऑपरेशन ‘नन्हे फरिस्ते’ बना बच्चों का सुरक्षा कवच

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जून 2026 तक 315 बच्चों को सुरक्षित परिजनों एवं संबंधित संस्थाओं को सौंपा गया

 प्रयागराज ।  मंडल रेल प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आज़ाद के नेतृत्व में प्रयागराज मंडल का रेलवे सुरक्षा बल बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन ‘नन्हे फरिस्ते’ के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में अकेले, लापता, भटके हुए अथवा संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रयागराज मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तक कुल 315 बच्चों को रेलगाड़ियों एवं रेलवे परिक्षेत्र से सुरक्षित बचाया गया। इन बच्चों में ऐसे बालक एवं बालिकाएँ शामिल थे जो अपने परिजनों से बिछड़ गए थे, घर से भटककर रेलवे परिसर में पहुँच गए थे अथवा अन्य कारणों से असुरक्षित स्थिति में पाए गए थे।

बचाव के उपरांत रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बच्चों को आवश्यक देखभाल एवं सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके परिजनों का पता लगाया गया। सत्यापन एवं नियमानुसार कार्यवाही के बाद बच्चों को उनके परिजनों या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द किया गया ।

रेलवे सुरक्षा बल का यह अभियान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी, बाल श्रम एवं अन्य सामाजिक अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रयागराज मंडल का रेलवे सुरक्षा बल भविष्य में भी इसी प्रकार सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए रेलवे परिसरों को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने हेतु प्रतिबद्ध रहेगा। रेलवे प्रशासन यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी बच्चे को रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थिति में देखें तो तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, हेल्पलाइन 139 अथवा निकटतम रेलवे कर्मचारी को सूचित करें, जिससे समय रहते उसकी सहायता सुनिश्चित की जा सके।

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