बीएसएल में मुख्य महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों के लिए ‘डिसरप्टिव इनोवेशन आइडेंटिफिकेशन वर्कशॉप’ का आयोजन

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बोकारो ।स्टील प्लांट (बीएसएल) के मानव संसाधन विकास एवं प्रशिक्षण (Learning & Development) विभाग द्वारा बोकारो निवास में मुख्य महाप्रबंधकों (CGMs) एवं विभागाध्यक्षों (HoDs) के लिए “डिसरप्टिव इनोवेशन आइडेंटिफिकेशन वर्कशॉप” का आयोजन किया गया। वर्ष 2030 की चुनौतियों एवं वैश्विक इस्पात बाजार की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संयंत्र में नवाचार एवं दूरदर्शी सोच को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह कार्यशाला आयोजित की गई।

आज वैश्विक इस्पात उद्योग डीकार्बोनाइजेशन, इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों के बढ़ते उपयोग, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ग्राहकों की बढ़ती गुणवत्ता अपेक्षाओं, वैश्विक प्रतिस्पर्धा तथा कार्यबल की बदलती संरचना जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन परिस्थितियों में बीएसएल केवल क्रमिक सुधारों तक सीमित न रहकर डिसरप्टिव इनोवेशन के माध्यम से अपने परिचालन एवं रणनीतिक कार्यप्रणाली में परिवर्तन लाने की दिशा में अग्रसर है।

कार्यशाला का उद्देश्य संयंत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं, जैसे नवाचार, लागत में कमी, कार्यकुशलता, कार्यस्थल सुरक्षा, साइकिल टाइम में कमी, ब्रेकडाउन-मुक्त संचालन तथा सतत विकास से जुड़े व्यवहारिक एवं प्रभावी विचारों की पहचान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक (आरडीसीआईएस), कार्यकारी निदेशक (एसडीटीडी) तथा कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन–एल एंड डी), एमटीआई ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन निदेशक प्रभारी, बीएसएल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डिसरप्टिव इनोवेशन संगठन की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को छोटे–बड़े सभी प्रकार के नवाचारी विचार निर्भीक होकर वरिष्ठ प्रबंधन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के विषय की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य पर सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन–एल एंड डी) द्वारा एक प्रस्तुति दी गई। उन्होंने ही पूरे कार्यक्रम का सफल समन्वयन भी किया।

इसके उपरांत सभी मुख्य महाप्रबंधकों एवं महाप्रबंधकों को 12 समूहों में विभाजित कर संरचित विचार–मंथन (ब्रेनस्टॉर्मिंग) कराया गया। प्रत्येक समूह ने विभिन्न क्षेत्रों में डिसरप्टिव एवं अभिनव सुझाव तैयार किए तथा उन्हें शीर्ष प्रबंधन के समक्ष प्रस्तुत किया, ताकि भविष्य में उनके क्रियान्वयन की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।

कार्यक्रम का समापन मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन–एल एंड डी) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यशाला के माध्यम से बोकारो स्टील प्लांट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि नवाचार ही भविष्य की सफलता की कुंजी है और इसी सोच के साथ संयंत्र निरंतर उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

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