एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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सोनभद्र। एक्शन एड कर्नाटक प्रोग्राम के अंतर्गत’ ’संगठित मजदूर-सशक्त’ ’मजदूर मजदूर’ ’पाठशाला’ के तहत शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रॉबर्ट्सगंज में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए मजदूरों, महिलाओं, किशोरियों एवं किशोरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत एक्शन एड की ओर से ’निशा कुरैशी’ द्वारा सभी प्रतिभागियों के स्वागत के साथ किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि मजदूर पाठशाला का मुख्य उद्देश्य मजदूरों को उनके अधिकारों, श्रम कानूनों, सरकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराना है, ताकि वे संगठित होकर अपने हक और अधिकार प्राप्त कर सकें।’निशा कुरैशी द्वारा केंद्र’ एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कमलेश कुमार ने वन अधिकार कानून (फॉरेस्ट राइट एक्ट) के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए भूमिहीन मजदूरों और वन क्षेत्र में रहने वाले समुदायों के अधिकारों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में ’जास्मित युवा वॉलिंटियर’ द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान पर आधारित विचारों को साझा किया गया। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब ने किस प्रकार संविधान के माध्यम से अनुसूचित जाति, वंचित और शोषित वर्गों को समानता, न्याय और सम्मान का अधिकार दिलाया। साथ ही महिलाओं के अधिकारों, समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला सशक्तिकरण को लेकर बाबा साहेब के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया गया कि संविधान महिलाओं को बराबरी का अधिकार और सुरक्षित जीवन का आधार प्रदान करता है।
महिला विभाग से आईं नीतू सिंह एवं’ सीमा द्विवेदी ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों और विभागीय सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं ’कमर्शियल कंप्यूटर सेंटर से’ आए सलीम अहमद ने किशोरियों एवं किशोरों के लिए उपलब्ध विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के बारे में बताया, जिनमें कंप्यूटर कोर्स, ब्यूटीशियन कोर्स एवं सिलाई प्रशिक्षण जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल हैं।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक चर्चा में भाग लिया और अपने अनुभव, समस्याएं एवं सुझाव साझा किए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मजदूरों, महिलाओं एवं युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। उपस्थित रहे सीता देवी, कौशल्या, कलावती प्रभावती समेत तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।

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