सोलापुर। 15 अगस्त 2025 को, एनटीपीसी सोलापुर में डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम स्टेडियम में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया। वातावरण देशभक्ति और गर्व से ओत-प्रोत था, जब मुख्य अतिथि श्री बीजेसी शास्त्री, कार्यकारी निदेशक (एनटीपीसी सोलापुर) ने देशभक्ति के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
कार्यक्रम की शुरुआत में शास्त्री ने, सीआईएसएफ कमांडेंट के साथ, सीआईएसएफ कर्मियों, सीआईएसएफ फायर विंग, डीजीआर तथा नोट्रे डेम एकेडमी के विद्यार्थियों से सुसज्जित प्रभावशाली परेड दस्तों का निरीक्षण किया। परेड कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें प्रतिभागियों ने अनुशासन, समर्पण और एकता का शानदार प्रदर्शन कर मुख्य अतिथि को सलामी दी।
अपने संबोधन में शास्त्री ने उन स्वतंत्रता सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने एनटीपीसी कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माण में उनके निरंतर योगदान के लिए बधाई देते हुए, समर्पण और मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर एम. के. बेबी, मुख्य महाप्रबंधक (प्रचालन व अनुरक्षण), एस. एस. गोखले, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं राख तालाब प्रबंधक), और श्रीमती पद्मा शास्त्री, अध्यक्षा, सृजना महिला मंडल, सहित महिला क्लब की सभी वरिष्ठ सदस्याएं, सीआईएसएफ यूनिट, नोट्रे डेम एकेडमी की प्राचार्या, सभी एचओडी/एचओएस, कर्मचारी, उनके परिवारजन, यूनियन एवं एसोसिएशन प्रतिनिधि तथा टाउनशिप निवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की महत्ता को बढ़ाते हुए, मुख्य अतिथि ने सीआईएसएफ कमांडेंट, वरिष्ठ अधिकारियों और एचओएचआर के साथ मिलकर उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए एचओपी मेरिटोरियस अवार्ड प्रदान किए। सुरक्षा पुरस्कार तथा कर्मचारी सुझाव स्कीम 2025 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए और “सर्वश्रेष्ठ टर्नआउट परेड दस्ते को ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में ट्विंकल बेल स्कूल, बाल भवन और नोट्रे डेम एकेडमी के विद्यार्थियों ने जोश और देशभक्ति से भरपूर प्रस्तुतियां दीं। सीआईएसएफ कर्मियों ने रोमांचक कमांडो ड्रिल और अग्नि सुरक्षा प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय जैसे नारों के उद्घोष के साथ हुआ, जिसने सभी के मन में स्वतंत्रता, एकता और भाईचारे का संदेश गूंजा दिया।
