*महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को संस्कार, समरसता और सदाचार की राह दिखाती हैं*
*महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्री राम को पुरुष से पुरुषोत्तम बनाया: मंत्री ए के शर्मा*
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करने में सफाई मित्रों की अहम भूमिका: मंत्री ए के शर्मा*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नगरीय निकाय निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, प्रमुख सचिव पी गुरु प्रसाद, सचिव / निदेशक अनुज कुमार झा के साथ महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सफाई मित्रों को सम्मानित किया।

मंत्री श्री शर्मा ने महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, उनके विचारों और उनकी शिक्षाओं को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान, तप और रचनाओं के माध्यम से देश को संस्कारों की अमूल्य विरासत प्रदान की। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें पुरुष से पुरुषोत्तम के रूप में प्रतिष्ठित किया। महर्षि वाल्मीकि जी का योगदान भारतीय समाज को मर्यादा, नैतिकता और सदाचार का मार्ग दिखाने वाला है। उनकी शिक्षाओं को आत्मसात कर हमें एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मंत्री ए.के. शर्मा ने सफाई मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सफाई मित्रों के अथक परिश्रम के कारण ही हमारा परिवेश स्वच्छ रहता है और नागरिकों को बेहतर वातावरण मिलता है। उन्होंने कहा कि सफाई मित्र केवल सफाई व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे समाज के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन के आधार स्तंभ हैं। उनके श्रम और समर्पण का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सफाई मित्रों से अपने महत्वपूर्ण कार्य को इसी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में स्वच्छता की कमी को एक बड़ी चुनौती के रूप में रेखांकित किया और वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। इस अभियान ने स्वच्छता को जनांदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। आज देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और शहरों की सफाई व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई मित्र इस अभियान के वास्तविक सारथी हैं। उनके योगदान के बिना स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और स्वच्छ, स्वस्थ तथा व्यवस्थित शहर इस लक्ष्य की प्राप्ति के महत्वपूर्ण आधार हैं।
श्री शर्मा ने लखनऊ की स्वच्छता उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर ने स्वच्छता सर्वेक्षण में तीसरा स्थान प्राप्त करने के साथ वायु गुणवत्ता के क्षेत्र में भी प्रथम स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि नगर निगम, सफाई मित्रों और शहरवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में प्रतिदिन लगभग 2,100 टन कचरा निकलता है, जिसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर में कचरे के प्रभावी प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने संबोधित करते हुए महर्षि वाल्मीकि जी को नमन किया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद एवं निदेशक अनुज कुमार झा ने भी महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, आदर्शों एवं नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
