सतर्कता समीक्षा बैठक में सतर्कता, पारदर्शिता एवं सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ की विस्तृत चर्चा
धनबाद।कोयला भवन मुख्यालय बीसीसीएल में आज एक महत्वपूर्ण सतर्कता समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री मनोज कुमार गांगेय ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कोयला भवन स्थित बीसीसीएल के केंद्रीय इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का विस्तृत निरीक्षण किया, कंपनी द्वारा संचालित विभिन्न सतर्कता पहलों की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने दो दिवसीय (10-11 जुलाई) बीसीसीएल दौरे के प्रथम दिन श्री मनोज कुमार गांगेय ने आज सर्वप्रथम कोयला भवन मुख्यालय स्थित बीसीसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईसीसीसी की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा लाइव मॉनिटरिंग, लाइव स्ट्रीमिंग एवं अन्य तकनीकी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने आरएफआईडी बूम बैरियर एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, वेमेंट सिस्टम सहित विभिन्न डिजिटल निगरानी प्रणालियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा कंट्रोल रूम में संचालित विभिन्न नियंत्रण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। अधिकारियों द्वारा उन्हें जीपीएस इनेबल्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, रूट फेंसिंग तथा उपलब्ध अन्य तकनीकी सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
खनन गतिविधियों की सतत निगरानी एवं परिचालन दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित इस केंद्रीकृत कमांड सेंटर की सराहना करते हुए श्री गांगेय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल निगरानी प्रणालियों का अधिकतम उपयोग करते हुए निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी, त्वरित एवं उत्तरदायी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली न केवल परिचालन की दक्षता बढ़ाती है, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी सुदृढ़ करती है। इस अवसर पर बीसीसीएल की मुख्य सतर्कता अधिकारी श्रीमती दीप्ति पटेल, महाप्रबंधक (सतर्कता) एन. के. ठाकुर, महाप्रबंधक (ई एंड एम) आर. आर. कर्ण सहित कोयला भवन मुख्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आईसीसीसी के निरीक्षण के उपरांत श्री गांगेय ने कोयला भवन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित सतर्कता समीक्षा बैठक में विजिलेंस एडमिनिस्ट्रेशन, प्रिवेंटिव विजिलेंस इनिशिएटिव्स सहित सतर्कता प्रशासन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर उपस्थित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। गांगेय ने बीसीसीएल द्वारा सतर्कता के क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं पहलों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को सतर्कता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, मुख्य सतर्कता अधिकारी बीसीसीएल श्रीमती दीप्ति पटेल, महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री एन.के ठाकुर सहित कोयला भवन मुख्यालय के विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक/ विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, सतर्कता अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मनोज कुमार गांगेय के औपचारिक स्वागत, सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन तथा कोल इंडिया गीत के साथ की गई। सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने गांगेय का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
स्वागत संबोधन में बीसीसीएल की मुख्य सतर्कता अधिकारी श्रीमती दीप्ति पटेल ने बीसीसीएल में संचालित सतर्कता संबंधी विभिन्न पहलों, विशेष रूप से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बैठक के उद्देश्य, महत्व तथा संगठन में पारदर्शिता एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सतर्कता तंत्र की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
इसके उपरांत बैठक की औपचारिक कार्यवाही प्रारंभ हुई। सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी की विभिन्न परिचालन गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी परिचालन गतिविधियों का संचालन कर रही है तथा दक्षता, तकनीकी उन्नयन एवं सतत सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह एवं निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने भी विभागवार ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कंपनी की परिचालन उपलब्धियों, कार्यबल प्रबंधन, मानव संसाधन विकास एवं अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
अपने संबोधन में श्री गांगेय ने कहा कि देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी होने के नाते बीसीसीएल पर राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा तथा मिशन कोकिंग कोल के लक्ष्यों की प्राप्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भूमिगत आग सहित विभिन्न भौगोलिक एवं परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण अन्य कोल सब्सिडियरीज़ की तुलना में बीसीसीएल में कार्य करना अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद बीसीसीएल द्वारा निरंतर समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कोकिंग कोल उत्पादन बढ़ाने तथा देश को कोकिंग कोल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल अनियमितताओं की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नैतिक कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से तकनीक आधारित सतर्कता तंत्र, डिजिटल मॉनिटरिंग, जोखिम आधारित निगरानी तथा निवारक सतर्कता उपायों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि संगठन की कार्यकुशलता एवं विश्वसनीयता निरंतर सुदृढ़ होती रहे। उन्होंने बीसीसीएल द्वारा स्थापित केंद्रीकृत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं खनन गतिविधियों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) निगरानी, संसाधनों के बेहतर उपयोग, परिचालन दक्षता तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए खनन गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक के समापन की घोषणा की गई।
