मल्टीलैटरलिज़्म का नवीनीकरणरू ट्रेडए लॉ और ग्लोबल कोऑपरेशन की नई रूपरेखा
रायपुर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) रायपुर में 2 अक्टूबर 2026 को इंटरनेशनल ट्रेड लॉ समिट 2026 का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस समिट में रीइमैजिनिंग मल्टीलैटरलिज़्म इन इंटरनेशनल ट्रेड लॉश् विषय पर चर्चा के लिए अकादमिक जगत पॉलिसी मेकर्स लीगल प्रैक्टिशनर्स रिसर्चर्स और विद्यार्थियों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में प्रोण् डॉ वी सी विवेकानंदन वाइस चांसलर एचएनएलयू ने उद्घाटन संबोधन दिया। प्रभात मलिक डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज़ एंड एविएशनए छत्तीसगढ़ शासन मुख्य अतिथि के रूप में तथा प्रो. डॉ. जेम्स जे. नेडुमपारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड नई दिल्ली विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहे और अपने विचार रखे। अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो.डॉ. वी. सी. विवेकानंदन ने समिट को भू.राजनीतिक प्रतिस्पर्धाए टेक्नोलॉजिकल कॉम्पिटिशन सप्लाई.चेन संबंधी चिंताओं और संस्थागत विश्वास में कमी से बदलते अंतरराष्ट्रीय परिवेश के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि ट्रेड केवल वस्तुओं और सेवाओं के आदान.प्रदान तक सीमित नहीं है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में टकराव को नियंत्रित करने और सहयोग की आदत विकसित करने में भी भूमिका निभा सकता है।

WTO के 30 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रभाव बढ़ा है और डिजिटल ट्रेडए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्यावरणीय उपायों तथा ग्लोबल वैल्यू चेन्स से जुड़े नए प्रश्न सामने आए हैं। उन्होंने समिट के समक्ष चार प्रमुख प्रश्न रखे। बुनियादी कानूनी सिद्धांतों को छोड़े बिना मल्टीलैटरलिज़्म को किस प्रकार नए सिरे से परिभाषित किया जा सकता है। विकास संबंधी चिंताओं को किस प्रकार समायोजित किया जा सकता है। नेशनल पॉलिसी स्पेस और ग्लोबल इकोनॉमिक इंटरडिपेंडेंस के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है तथा स्थापित और उभरती शक्तियां नए संतुलन की दिशा में किस प्रकार काम कर सकती हैं। उन्होंने कहा, आशा करता हूं कि यह समिट केवल ट्रेडिंग सिस्टम में मौजूद दरारों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। मुझे आशा है कि यह ष्आर्किटेक्चर ऑफ रिपेयर यानी सुधार की एक नई रूपरेखा की कल्पना करेगा। विशिष्ट अतिथि प्रो.डॉ, जेम्स जेण् नेडुमपारा ने कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड को व्यापक सामाजिक और आर्थिक सरोकारों से अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने ह्यूमन राइट्स एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन सस्टेनेबिलिटी और लेबर कंडीशन्स जैसे मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि WTO एग्रीमेंट्स केवल ट्रेड लिबरलाइजेशन तक सीमित नहीं हैं।
उद्घाटन दिवस की एक प्रमुख विशेषता विभिन्न देशों के ट्रेड लॉ प्रोफेसर्स को एक मंच पर लाने वाली पैनल डिस्कशन रही। फ्यूचर ऑफ मल्टीलैटरलिज़्म हाउ अकैडेमिया कैन शेप द नेक्स्ट एरा ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड लॉश् विषय पर आयोजित इस चर्चा में अकादमिक जगत और WTO के बीच पब्लिक पॉलिसी के संदर्भ में संबंधों पर विचार.विमर्श किया गया। सेशन की शुरुआत वाइस चांसलर प्रोण् विवेकानंदन के संबोधन से हुई। चर्चा में डॉ. नवनीत रॉय अदिति सिंह और डॉ. प्रियंका धर ने भी भाग लिया। जबकि याशिता गुप्ता स्टूडेंट वॉलंटियर ने चर्चा का संचालन किया। उद्घाटन दिवस की चर्चाओं ने समिट के व्यापक विमर्श की बुनियाद रखीए जिसमें डेवलपमेंट सस्टेनेबिलिटी टेक्नोलॉजी डिजिटल ट्रेड गवर्नेंस और डिस्प्यूट सेटलमेंट के संदर्भ में मल्टीलैटरल ट्रेड के भविष्य पर विचार किया जा रहा है।WTO@30 के अवसर को केवल संस्थागत निरंतरता के उत्सव के रूप में देखने के बजायए चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि बदलते और अधिक जटिल अंतरराष्ट्रीय परिवेश के प्रति मल्टीलैटरल ट्रेडिंग सिस्टम किस प्रकार प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकता हैए साथ ही इंटरनेशनल ट्रेड की आधारभूत लीगल प्रेडिक्टेबिलिटी और कोऑपरेटिव फ्रेमवर्क को कैसे बनाए रखा जा सकता है।
