सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल राजभाषा अनुभाग द्वारा विंध्य चिकित्सालय में दिनांक 29 अगस्त 2026 को एक दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सालय में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं एसोसिएट्स में राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दैनिक सरकारी कामकाज में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना था। इस कार्यशाला में चिकित्सालय के सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा एसोसिएट्स कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर उपस्थित जनों को राजभाषा हिंदी के नियमों, अधिनियमों, कार्यालय ज्ञापनों एवं महत्वपूर्ण तथ्यों से विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा संचालित लीला, कंठस्थ 2.0 एप, हिंदी प्रबोध, प्रवीण एवं प्राज्ञ परीक्षाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी की संशोधित ‘हिंदी प्रोत्साहन योजना’ के नवीन परिपत्र के बारे में भी सभी को अवगत कराया गया तथा बताया गया कि किस प्रकार हिंदी में अधिकाधिक कार्य करके इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (चिकित्सा सेवाएं) डॉ. बी के भराली ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में सभी उपस्थित जनों से राजभाषा हिंदी को अपनाने और अपने दैनिक कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जैसे मानवीय सेवा क्षेत्र में हिंदी में संवाद रोगियों के साथ आत्मीयता और विश्वास को और मजबूत करता है।
कार्यशाला में सहायक राजभाषा अधिकारी कल्याण सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने राजभाषा नीति, वार्षिक लक्ष्य, ई-टूल्स के एवं प्रयोग तथा हिंदी में कार्य करने की सरल विधियों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने हिंदी में कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाएंगे और राजभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देंगे। कार्यशाला का कुशल संचालन विंध्य चिकित्सालय के राजभाषा विभागीय प्रतिनिधि अश्विनी कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
