रायपुर हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने अपने बहुप्रतीक्षित वार्षिक उत्सव ‘कोलोसस–आईएमयूएनवाईपी 2025’ का भव्य शुभारंभ विश्वविद्यालय सभागार में किया। यह तीन दिवसीय उत्सव संस्कृति, बौद्धिकता और युवा ऊर्जा का संगम है, जिसमें देशभर के विश्वविद्यालयों से आए विद्यार्थी खेल, कला, वाद-विवाद और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से उत्साह और उत्कृष्टता का उत्सव मना रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण साव, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार ने समारोह का उद्घाटन किया। अपने प्रेरणादायी उद्घाटन संबोधन में उन्होंने देशभर से आए प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आज के युवाओं के समक्ष उपस्थित मानसिक चुनौतियों विशेषकर अवसाद (डिप्रेशन) की समस्या पर गंभीरता से बात करते हुए छात्रों से खुलकर संवाद करने, आत्म-जागरूकता अपनाने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आशीष चक्रवर्ती, प्रख्यात संगीतज्ञ और विद्वान, ने अपने उद्बोधन में संगीत के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक लगन, अनुशासन और समर्पण जैसे मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की लोक-संगीत परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये कला रूप भारत की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं।
समारोह का आरंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.सी. विवेकानंदन के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम से आए सभी प्रतिभागियों का “नवा रायपुर – नव आरंभों का नगर”— में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि “कोलोसस” एचएनएलयू का एक विनम्र प्रयास है, जो संगीत, गति, मन और अर्थ के माध्यम से पूर्णता की अभिव्यक्ति है। अपने संबोधन का समापन उन्होंने इन शब्दों में किया —
“कोलोसस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के रूपांतरण का अनुभव है!”
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों, प्रतिभागियों और आगंतुकों का स्वागत भाषण दिया। डॉ. अंकित सिंह, फैकल्टी संयोजक ने कोलोसस–आईएमयूएनवाईपी 2025 का एक संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. अविनाश सामल, डीन, छात्र कल्याण ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, छात्र-छात्राएँ और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। समारोह ने आगामी तीन दिनों के लिए एक ऊर्जावान और उत्सवपूर्ण माहौल का निर्माण किया, जिसमें एचएनएलयू रायपुर “कोलोसस–आईएमयूएनवाईपी 2025” के माध्यम से युवा जोश, विचार-विनिमय और रचनात्मकता का केंद्र बन गया है।
