सोनभद्र। घोरावल विकासखंड के ढुटेर गांव निवासी प्रगतिशील किसान रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि उन्होंने निजी दुकानदारों द्वारा खाद के अधिक दाम वसूलने की शिकायत जिला कृषि अधिकारी से की थी। इस शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रघुनाथ प्रसाद के अनुसार, जिम्मेदार अधिकारी का यह जवाब कि ‘‘ऊंचे दाम पर कहीं खाद नहीं बिक रही है‘‘ गंभीर सवाल खड़े करता है।
रघुनाथ प्रसाद ने शासन-प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने और किसी अन्य विभाग के उच्चाधिकारियों से शीघ्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के साथ-साथ समितियों के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था को सुचारू बनाने की भी अपील की है।
ज्ञानदास, नंदकिशोर, पारस, जगदीश, विनोद, मदन सिंह और राम अवतार सहित कई अन्य किसानों ने भी अपनी समस्या बताई। उनका कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पाती। इसके लिए उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है और घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे मजबूरन निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ती है।
किसानों ने सवाल उठाया कि जब निजी दुकानदार मनमाने दाम पर खाद बेच रहे हैं, तो फार्मर आईडी और आधार की आवश्यकता का क्या औचित्य है। उन्होंने किसान हित में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
निजी दुकानों से अधिक दाम पर बेची जा रही है खाद, अधिकारियों को सब दिखाई दे रहा है ठीक-ठाक
