नॉन स्टॉप ट्रेन को रोक कर बच्चों को परिवार से मिलाया
प्रयागराज। रेल यात्रियों की सहायता एवं सुरक्षा के प्रति प्रयागराज मंडल के रेलकर्मियों की सजगता का एक और उदाहरण सामने आया है। दिनांक 13 सितंबर, 2026 को रेलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से अपने माता-पिता से बिछड़े तीन बच्चों को सुरक्षित उनकी मां के सुपुर्द किया गया। एक परिवार अपने तीन बच्चों के साथ गाड़ी संख्या 12321 मुंबई मेल से डीडीयू से मुंबई की यात्रा करने के लिए स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान डीडीयू स्टेशन पर बच्चे गलती से अपने माता-पिता से बिछड़ गए और गाड़ी संख्या 22805 भुवनेश्वर–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हो गए।
गाड़ी संख्या 22805 भुवनेश्वर–आनंद विहार के एस-6 कोच में ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा ने बच्चों को रोते-बिलखते देखा। उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्चों से जानकारी प्राप्त की तथा तत्काल मंडल कार्यालय के कमर्शियल कंट्रोल में ड्यूटी पर तैनात श्री मिथिलेश कुमार को इसकी सूचना दी।
मिथिलेश कुमार ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं प्रयागराज छिवकी के कर्मचारियों को सूचित किया। इसके पश्चात आवश्यक समन्वय स्थापित कर गाड़ी संख्या 22805 भुवनेश्वर–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर रुकवाने की व्यवस्था कराई गई, ताकि बच्चों को उनके परिवार से मिलाया जा सके।ज्ञात हो कि गाड़ी संख्या 22805 का प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर ठहराव नहीं है । उक्त परिवार आंध्र प्रदेश का निवासी था एवं काशी दर्शन के लिए आया था । परिवार ने रेलवे प्रशासन एवं कर्मचारियों की भूरि भूरि प्रशंसा की ।
रेलवे प्रशासन द्वारा प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर मुंबई मेल के रुकने के पश्चात तीनों बच्चों को सुरक्षित उनकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों के परिवार ने रेलकर्मियों की संवेदनशीलता, सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। प्रयागराज मंडल रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा, सहायता एवं सुविधा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस घटना में मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा एवं कमर्शियल कंट्रोल में तैनात मिथिलेश कुमार की तत्परता ने मानवीय संवेदनशीलता एवं टीमवर्क का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया ।
