अहरौरा, मिर्जापुर। क्षेत्र के हसौली गांव स्थित विघ्न हरण हनुमत धाम मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा की दूसरी संध्या शुक्रवार को मानस मयूरी शालिनी तिवारी ने सती प्रसंग एवं शिव पार्वती विवाह की मनोहारी कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विह्वल कर दिया।उन्होंने कहा कि अभियान त्याग कर कथा सुनने पर ही कथा मनुष्य में बैठती है।सत्संग में शामिल होने से मनुष्य में विवेक आता है।
शिव और पार्वती अगस्त ऋषि के आश्रम में रामकथा सुनने गए।भगवान शिव अभिमान त्याग कर कथा सुना लेकिन अहंकार के कारण माता सती का मन कथा में नही लगा।माता सती भगवान शिव की बात नही मानी परिणाम ऐसा हुआ कि उन्हें यज्ञ में नष्ट होना पड़ा। देवर्षि नारद पर्वतराज हिमालय से मिलने पहुंचे और पार्वती को देखने के बाद भगवान शिव के योग्य बताया। भगवान के बारात में बिच्छू, सांप बराती बने।श्रद्धा एवं विश्वास का मिलन ही शिव और पार्वती विवाह का उद्देश्य है।इस दौरान महेंद्र केशरी,सीताराम दुबे, महेंद्र सिंह,किशन शर्मा,विकास पांडेय,पप्पू तिवारी,रजनीश दुबे,पूनम दूबे,शैला दूबे,विजय लक्ष्मी द्विवेदी, प्रतिमा देवी, भगवान दास पांडेय मौजूद रहे।संचालन श्रीश द्विवेदी रंजन ने किया।
