बहुत जल्द उत्तर प्रदेश में बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर आने वाला है : अश्विनी वैष्णव”

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*दिल्ली से गुवाहाटी का यह नया कॉरिडोर बनने जा रहा है : अश्विनी वैष्णव

बुलेट ट्रेन अमीरों के लिए नहीं बल्कि गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के लिए भी है :अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने काशी स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों एवं नमो गंगा रेल सह सड़क पुल का किया निरीक्षण, यात्री सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की ली जानकारी

वाराणसी । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज  31 अक्टूबर को काशी रेलवे स्टेशन एवं नमो गंगा रेल सह सड़क ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के पुनर्विकास एवं आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म एवं अन्य यात्री सुविधाओं के विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

आज अश्विनी वैष्णव ने बताया कि “माननीय प्रधानमंत्री ने उत्तरी बुलेट कॉरिडोर को मंजूरी दे दी हैं। उत्तर प्रदेश में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जल्द आने वाला है। ये बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली से गुवाहाटी तक तैयार होगा। यह उत्तरी कॉरिडोर के आने से दिल्ली और आगरा की बीच की दूरी महज 59 मिनट की रह जाएगी,दिल्ली से कानपुर के बीच की दूरी 1 घंटा 59 मिनट होगी,दिल्ली से लखनऊ की बीच की दूरी 2 घंटे 12 मिनट होगी,काशी से लखनऊ के बीच की दूरी 1 घंटे 21 मिनट होगी और काशी से पटना 1 घंटे में पहुंचा जा सकेगा,काशी से अगर दिल्ली की बात करें तो 3 घंटे 35 मिनट में पहुंचा जा सकेगा,वाराणसी से आगरा की अगर बात करें तो 2 घंटे 24 मिनट में पहुंचा जा सकेगा । बुलेट ट्रेन अमीरों के लिए नहीं बल्कि गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के लिए भी है। विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि किराया बहुत होगा किराया की जहां तक बात है फ्लाइट से भी कम होगी ।”

उन्होंने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं यात्री अनुकूल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की स्वीकृत अनुमानित लागत 349.50 करोड़ रुपये है, जबकि 304.61 करोड़ रुपये की लागत से कार्य आवंटित किया गया है। कार्य आवंटन की तिथि 16 अगस्त, 2023 है। इस परियोजना का निष्पादन उत्तर रेलवे के निर्माण संगठन की संबंधित इकाई द्वारा किया जा रहा है।

पुनर्विकास योजना के अंतर्गत स्टेशन के उत्तर एवं दक्षिण दिशा में दो आधुनिक स्टेशन भवनों का निर्माण किया जा रहा है। दोनों भवन जी+2 (ग्राउंड प्लस दो मंजिल) संरचना के होंगे तथा प्रत्येक भवन का क्षेत्रफल लगभग 10,358 वर्ग मीटर होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 10,622 वर्ग मीटर क्षेत्र में विशाल कॉनकोर्स का निर्माण किया जा रहा है। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 9 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेड एवं कवरिंग, पैदल यात्रियों के लिए कवर्ड पाथवे तथा कॉनकोर्स के ऊपर रूफिंग सहित अन्य विकास कार्य भी परियोजना का हिस्सा हैं।

स्टेशन के पुनर्विकास के पश्चात इसकी परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में स्टेशन पर 4 रेलवे ट्रैक उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ाकर 10 किया जाएगा। इसी प्रकार प्लेटफॉर्म की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की जाएगी तथा प्रत्येक प्लेटफॉर्म की लंबाई 600 मीटर होगी। वर्तमान में स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1,954 यात्रियों की तुलना में पुनर्विकास के बाद यह क्षमता बढ़कर 13,261 यात्री प्रतिदिन हो जाएगी। वहीं ट्रेनों की संख्या वर्तमान 16 जोड़ी से बढ़कर 36 जोड़ी तक हो सकेगी।

यात्रियों की सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए स्टेशन पर 30 लिफ्ट एवं 23 एस्केलेटर की व्यवस्था की जाएगी। फुट ओवर ब्रिज की चौड़ाई वर्तमान 6 मीटर से बढ़ाकर 9 मीटर की जाएगी तथा सीढ़ियों की संख्या 3 से बढ़ाकर 26 की जाएगी। इससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने तथा स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में आवागमन करने में सुविधा होगी। प्रतीक्षालय एवं बैठने की व्यवस्था को भी व्यापक रूप से विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उत्तर एवं दक्षिण स्टेशन भवनों में लगभग 2,300-2,300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में लगभग 650 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त लगभग 5,114 वर्ग मीटर के कॉनकोर्स क्षेत्र में लगभग 1,800 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस प्रकार कुल लगभग 9,714 वर्ग मीटर क्षेत्र में करीब 3,100 यात्रियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध होगी।

स्टेशन परिसर में पार्किंग व्यवस्था का भी विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में उपलब्ध 115 ईसीएस (इक्विवेलेंट कार स्पेस) की तुलना में पुनर्विकास के अंतर्गत लगभग 10,175 वर्ग मीटर क्षेत्र में 440 ईसीएस की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। भविष्य में इस क्षमता को 800 ईसीएस तक विस्तारित करने की योजना भी प्रस्तावित है। स्टेशन परिसर में लगभग 66,758 वर्ग मीटर क्षेत्र में बाहरी विकास कार्य, लगभग 2,021 वर्ग मीटर क्षेत्र में पैदल यात्रियों के लिए कवर्ड पाथवे तथा लगभग 10,622 वर्ग मीटर क्षेत्र में कॉनकोर्स के ऊपर रूफिंग का कार्य भी प्रस्तावित है। इन कार्यों से स्टेशन परिसर का समग्र विकास होगा तथा यात्रियों को मौसम के अनुकूल सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

काशी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास वाराणसी की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद स्टेशन की यात्री क्षमता, रेल परिचालन एवं आवागमन व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। आधुनिक स्टेशन भवन, विशाल कॉनकोर्स, विस्तृत प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर प्रतीक्षालय एवं पार्किंग जैसी सुविधाएं यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वाराणसी में गंगा नदी पर निर्माणाधीन नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल ( नमो  ब्रिज) के निर्माण कार्यस्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। 

यह महत्वपूर्ण रेल-सह-सड़क पुल उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। लगभग 1,074.6 मीटर लंबाई वाले इस पुल की स्वीकृत अनुमानित लागत ₹1,380.87 करोड़ है, जबकि निर्माण कार्य हेतु ₹1,201.37 करोड़ की लागत से अनुबंध आवंटित किया गया है। इस परियोजना में कुल 10 स्पैन का निर्माण किया जाना है, जिसमें 108.5 मीटर के 8 स्पैन तथा 103.3 मीटर के 2 स्पैन शामिल हैं। पुल की आधारभूत संरचना में 9 पियर एवं 2 एबटमेंट सहित कुल 11 सब-स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इसके लिए 60 मीटर तक की गहराई वाले डबल-डी वेल का निर्माण भी प्रस्तावित है।

इस पुल की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें दो स्तरों पर रेल एवं सड़क यातायात की व्यवस्था की गई है। पुल के निचले तल पर रेल परिचालन के लिए कुल चार रेल लाइनें (दो अप एवं दो डाउन लाइनें) विकसित की जा रही हैं, जिन पर 2×25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरण (ओएचई) प्रणाली स्थापित की जाएगी। वहीं, ऊपरी तल पर छह लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुरूप सड़क मार्ग विकसित किया जा रहा है, जिसमें विद्युत व्यवस्था, क्रैश बैरियर एवं अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा सुविधाएं शामिल होंगी। इस अवसर पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे और उन्होंने रेल मंत्री को स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रस्तावित यात्री सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

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