बोकारो । इस्पात संयंत्र के सिन्टर प्लांट विभाग ने उत्कृष्ट संचालन कौशल, टीम भावना और सतत प्रयासों से एक और नया इतिहास रच दिया है. 5 नवम्बर 2025 को टीम सिन्टर प्लांट ने मात्र 2.5 मशीनों का उपयोग करते हुए 19,088 टन ग्रॉस सिन्टर का उत्पादन कर अब तक का सर्वोच्च दैनिक उत्पादन रिकॉर्ड स्थापित किया. इससे पूर्व, 28 फरवरी 2020 को इसी क्षमता के साथ 19,039 टन का उत्पादन दर्ज किया गया था.
गौरतलब है कि सिन्टर इस्पात निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है, जो ब्लास्ट फर्नेस में हॉट मेटल के उत्पादन के लिए आवश्यक होता है. यह मुख्यतः लौह अयस्क, चूना पत्थर, डोलोमाइट तथा अन्य धातुकर्मी अपशिष्टों के सूक्ष्म कणों का नियंत्रित मिश्रण होता है, जिसे इन्सिपिएंट फ्यूज़न प्रक्रिया द्वारा ठोस रूप (लंप) में परिवर्तित किया जाता है. सिन्टर न केवल ब्लास्ट फर्नेस की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह ईंधन की बचत, स्थिर धातुकर्म संतुलन, लागत नियंत्रण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस उपलब्धि के पीछे टीम सिन्टर प्लांट के कर्मठ कर्मचारियों का परिश्रम, बेहतर समन्वय, संचालन में उत्कृष्टता और गुणवत्ता के प्रति सतत प्रतिबद्धता रही है. टीम द्वारा कच्चे मिश्रण के अनुपात में निरंतर सुधार, संचालन मानकों की निगरानी और तकनीकी दक्षता ने इस उल्लेखनीय सफलता को संभव बनाया. बीएसएल प्रबंधन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम सिन्टर प्लांट को बधाई दी है। प्रबंधन ने टीम की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ ही बीएसएल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होंगी. यह उपलब्धि बोकारो इस्पात संयंत्र की तकनीकी क्षमता, टीम भावना और “विकसित भारत” के संकल्प की दिशा में सतत योगदान का उत्कृष्ट उदाहरण है.
