ब्रह्मलीन संत ओमानन्द का सनातन धर्म संरक्षण अविस्मरणीय

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मनोज पांडेय

प्रयागराज। भारतीय सांस्कृतिक परिषद के अल्लापुर स्थित कार्यालय में प्रयागराज के प्रतिष्ठित संत ब्रह्मलीन स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज के आकस्मिक निधन होने पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रयाग के श्रेष्ठ संत जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य ने की सभा में जगद्गुरु स्वामी नारायणाचार्य, स्वामी राधामाधव दास महाराज, स्वामी लक्ष्मण दास, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी सुदर्शन दास ने अपनी वाचिक श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश दुबे ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज आज हमारे बीच नहीं है लेकिन भारतीय संस्कृति और योग की व्यापकता के लिए उनका प्रयास, तथा त्रिवेणी बांध स्थित योग वेदांत कुटीर आश्रम में अनाथ बच्चों का पालन पोषण, शिक्षण का जो सराहनीय कार्य किया है वो अविस्मरणीय है। सभा का संचालन परिषद के महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्ता ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी श्रीधराचार्य ने कहा कि ओमानंद ने पूरा जीवन परोपकार और भारतीय समाज की चेतना में अपनी संस्कृति का प्रवाह एवं प्रभाव बना रहे इसी लिए समर्पित किया। सभा में शंभु नाथ त्रिपाठी अंसुल, राजेन्द्र कुमार तिवारी दुकान, कमलेश दुबे, अनन्त कुमार गुप्ता, अमित तिवारी, दिलीप पांडेय, चन्दन भट्ट, शैलेन्द्र मिश्रा, रवि वर्मा, कुलवीर सिंह, प्रभाकर द्विवेदी, रत्नेश दुबे आदि की विशिष्ट उपस्थिति रही।

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