बालको ने प्राइड मंथ के माध्यम से समावेशी कार्य संस्कृति को किया और मजबूत

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प्राइड मंथ अभियान में 2,000 से अधिक कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों एवं समुदाय के सदस्यों की सहभागिता’

बालकोनगर, । वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने एक माह तक प्राइड मंथ अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से कंपनी ने विविध, समानतापूर्ण एवं समावेशी कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त किया। इस अभियान में 2,000 से अधिक कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदार एवं समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। अभियान के अंतर्गत जागरूकता सत्र, कर्मचारी सहभागिता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएँ, वित्तीय साक्षरता कार्यशालाएँ, कर्मचारियों की प्रेरक कहानियाँ, क्विज़ तथा प्राइड मार्च का आयोजन किया गया। इनके माध्यम से एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सहयोग, सम्मान और अपनत्व की संस्कृति को प्रोत्साहित किया गया।

बालको ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई नीतियाँ लागू की हैं। एजुकेशन सपोर्ट पॉलिसी के अंतर्गत 18 माह की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए 1 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही जेंडर रिफर्मेशन पॉलिसी के तहत जेंडर रिफर्मेशन सर्जरी के लिए 2 लाख तक की वित्तीय सहायता तथा 30 दिनों का सवेतन अवकाश उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 7 कर्मचारी, इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। ये पहल समान अवसर सुनिश्चित करने और मौजूदा अंतरालों को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा, “बालको में हम विविधता को अपनी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं और समावेशन को एक उच्च प्रदर्शन वाले संगठन की आधारशिला समझते हैं। हमारा विश्वास है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ योगदान देने, सीखने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। हमारी प्रतिबद्धता केवल प्रगतिशील नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कार्यस्थल का निर्माण करना है जहाँ सम्मान, समान अवसर और अपनत्व प्रत्येक कर्मचारी के दैनिक अनुभव का हिस्सा हों। वर्तमान में हमारे कार्यबल में 21 ट्रांसजेंडर कर्मचारी कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में हम उनकी भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अपने अनुभव साझा करते हुए बालको में कार्यरत ट्रांसजेंडर कर्मचारी देवसेना चौहान ने कहा, “बी.टेक. पूर्ण करने के बाद जब मैंने बालको में अपने करियर की शुरुआत की, तब मैंने यह नहीं सोचा था कि नौकरी के साथ-साथ उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर भी मिलेगा। बालको द्वारा उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन दिए जाने से मुझे एम. टेक. की पढ़ाई जारी रखने का आत्मविश्वास मिला। आज मैं अपने अंतिम सेमेस्टर में हूँ और अपनी इस यात्रा पर गर्व महसूस करती हूँ। इस डिग्री ने मुझे व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ने में मदद की है। मैं ऐसे संगठन का हिस्सा बनकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूँ जो मेरी क्षमता पर विश्वास करता है और मेरे सपनों को साकार करने में सहयोग देता है।”

प्राइड मंथ अभियान के अंतर्गत टाउनशिप में प्राइड मार्च का आयोजन किया गया, कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों एवं स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने समानता और सहयोग के समर्थन में भागीदारी निभाई। भारत सरकार के डाक विभाग के सहयोग से वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्तीय कल्याण जागरूकता सत्र का भी आयोजन किया गया। पूरे माह के दौरान बालको के डीई एंड आई शुभकंर ‘डाइवर्सीदी’ ने जागरूकता संदेशों, कर्मचारियों की प्रेरक कहानियों, क्विज़ एवं शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से समावेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बालको की समावेशन रणनीति तीन मुख्य बातों पर आधारित है। ट्रांसजेंडर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर देना, तकनीकी, प्रचालन एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास तथा संवेदनशीलता एवं सहयोगी कार्यस्थल संस्कृति के जरिए समावेशी वातावरण का निर्माण। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के कर्मचारी आज सामग्री प्रबंधन, फोर्कलिफ्ट संचालन और सुरक्षा जैसे प्रमुख प्रचालन क्षेत्रों में सम्मान, आत्मविश्वास और उद्देश्य के साथ अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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