सिंहितराई वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर सोशल मीडिया (एक्स) पर 27 अप्रैल 2026 को अपनी दूसरी पोस्ट में इस साल की शुरुआत में अपने बेटे के निधन और हाल ही में हुए बॉयलर हादसे, जिसमें 25 लोगों की जान गई, के बाद गहरे व्यक्तिगत और पेशेवर दुख के दौर पर बात की। सोमवार को अपनी पोस्ट में, अग्रवाल ने पिछले कुछ महीनों को अपने जीवन के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समयों में से एक बताया और दोनों घटनाओं से जुड़े अपार दुख को व्यक्त किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एथेना प्लांट कड़े सुरक्षा और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत संचालित हो रहा था। इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनजीएसएल को सौंपी गई थी, जो भारत की विश्वसनीय महारत्न कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और जनरल इलेक्ट्रिक के बीच साझेदारी है। यह काम अनुभवी टीमों, स्थापित प्रणालियों और उद्योग मानकों के सुरक्षा उपायों के साथ किया जा रहा था। इन सभी उपायों के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना हो गई, जो इस तरह की घटनाओं की अनिश्चितता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे वेदांता की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और अपने सभी कार्यों में सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी पर लगातार ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
““सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ।
साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर इस महीने, 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।
दोनों ही हादसे, इतने अननेचुरल से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी-जीई की पार्टनरशिप एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्टैक्टर्स और एम्पलॉइज भी उनके थे। एक्सपरटाईज भी उनका था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन्स, आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे।
वेदांता के हर कांट्रैक्ट में सेफ्टी पर सबसे ज़्यादा फोकस रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं, वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
