रांची । आनंद मोहन ने 11 मई, 2026 को सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी) के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पहले, उन्होंने कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों के साथ-साथ एनसीएल, सीसीएल और ईसीएल में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
मोहन ने वर्ष 1989 में नेशनल इंस्टीच्यूट आफ टेक्नोलाजी कर्नाटका (एनआईटीके), सुरथकल से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उसी वर्ष अमलोहरी परियोजना, एनसीएल, सिंगरौली से अपना करियर शुरू किया। तत्पश्चात् उन्होंने 2005 में इंडियन स्कूल आफ माइन्स, धनबाद से ओपन कास्ट माइनिंग में एम0टेक की उपाधि प्राप्त की और फस्र्ट क्लास माइन्स मैनेजर्स सर्टिफिकेट आफ काम्पीटेंन्सी (डीजीएमएस) भी हासिल किया जो उनकी तकनीकी दक्षता और वैधानिक विशेषज्ञता का प्रमाण है।
36 वर्षों से अधिक के अपने समृद्ध और विविध कोयला खनन क्षेत्र के अनुभव में श्री मोहन ने कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों में माइन प्लानिंग, कोर आपरेशन्स, परियोजना प्रबंधन, पुनर्वास, पर्यावरण प्रबंधन और डिजिटल परिवर्तन पहलों में गहरी विशेषज्ञता शामिल है।
श्री मोहन ने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपने पेशेवर कौशल को समृद्ध किया है, जिनमें ओडीए कार्यक्रम के तहत यूनाइटेड किंगडम के वेल्स विश्वविद्यालय में पर्यावरण आकलन और प्रबंधन का प्रशिक्षण और उन्नत वैश्विक प्रबंधन कार्यक्रम शामिल हैं। इसके तहत उन्होंने तकनीकी अध्ययन के लिए कई यूरोपीय देशों का दौरा किया। वे इंस्टीच्यूशन आफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो और एमएमईएआई और एमजीएमआई दोनों के आजीवन सदस्य हैं।
पदभार ग्रहण के साथ मोहन सीएमपीडीआई के अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और व्यवसाय विकास प्रभागों के साथ-साथ अन्य प्रमुख विभागों का भी नेतृत्व करेंगे। उनकी व्यापक विशेषज्ञता, वैश्विक अनुभव और रणनीति दूरदर्शिता से न केवल सीएमपीडीआई बल्कि समस्त भारतीय कोयला उद्योग लाभान्वित होगा।
