टूटी सड़कें दें रही मौत को दावत,गर्दे गुबार की मोटी परत सड़क से घरों तक बिछी
राजस्व वसूली, अवैध वसूली का चल रहा खेल,आम नागरिकों को विस्थापित करने में जुटी है सरकार
अहरौरा,मिर्जापुर। (जी जी न्यूज) क्षेत्र भगोतीदेई, सोनपुर, बियाहूर, एकली सहित आधा दर्जन गावों के ग्रामीण मानक विहीन चलते क्रेशर प्लांटों से उड़ने वाले धूल गर्दे से परेशान है। स्थिति इतनी भयावह है कि कई ग्रामीण खांसी, दमा सहित अन्य गंभीर रोगों के शिकार हो गए हैं। तो कुछ लोग गांव से पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। अहरौरा जमुई रोड पर रोशनहर से लेकर भगौतीदेई नहर तक की स्थिति यह है की दिन रात उड़ते धूल गर्दे के कारण रोड पर चलना मुश्किल हो गया है और लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा रहे है।
भगौतीदेई गांव के ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह सहित समाजसेवी संपूर्णानंद के साथ ही दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से लेकर मंडलायुक्त तक को प्रार्थना पत्र देकर धूल गर्दे से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके है लेकिन कार्रवाई शून्य है जिससे आजीज ग्रामीण देश के सर्वोच्च कुर्सी पर बिराजमान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित 36 लोगों को प्रार्थना पत्र भेजकर धूल गर्दे से राहत देने और मानकों को दर किनार कर चल रहे क्रेशर प्लांटों को तत्काल बंद करने की मांग करने की योजना बना रहे हैं। भगौतीदेई गांव निवासी समाजसेवी संपूर्णानंद व ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह ने बताया की गांव के चारों तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व हरित क्रांति अभिकरण के मानकों को दरकिनार कर स्थानीय अधिकारियों की कृपा से दर्जनों क्रेशर प्लांटों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। कई क्रेशर प्लांट तो रोड और विद्यालय, सहित बस्ती से पांच से लेकर सौ मीटर के अंदर चल रहे हैं जहां मानकों का खुला उलंघन किया जा रहा है लेकिन यह अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिखाई नहीं पड़ रहा है आंखों पर रकम की मोटी परत जमी हुई है। अब इस समस्या से जूझ रहे लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
संपूर्णानंद ने बताया की भगौतीदेई के साथ ही सोनपुर, बियाहुर, लालपुर, मीरापुर, महमूदपुर, एकली, धुरिया, जिगना, आनंदीपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग धूल गर्दे से परेशान एवं आक्रोशित हैं तथा जन आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।इसके साथ ही अहरौरा जमुई रोड अब धूल गर्दे के कारण किलर रोड कहां जाने पर लगा है कई लोग जहां अपनी जान गंवा चुके हैं वहीं प्रतिदिन लोग रोड के किनारे जमी धूल की मोटी परत से फिसल कर घायल हो रहे हैं।क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी इस समस्या से आंखें मूंदे हुए हैं। आगामी चुनाव में भी इस समस्या से जूझ रहे लोग निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार है। सत्ता में बैठे लोगों के लिए यह समस्या अब उनके लिए समस्या बन जाएगी।
