क्लोरीन गैस रिसाव और सशस्त्र सुरक्षा खतरे के संयुक्त परिदृश्य पर परखी गई आपातकालीन तैयारियां
वल्लूर (तमिलनाडु), । महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एनटीईसीएल वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (वीटीपीपी) में सोमवार को मेगा बहु-एजेंसी सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का नेतृत्व सीआईएसएफ यूनिट, वीटीपीपी वल्लूर ने किया।एलएल के काल्पनिक रिसाव के साथ सशस्त्र सुरक्षा खतरे की स्थिति को शामिल किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा एवं प्रशासनिक एजेंसियों की आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा गया।

अभ्यास के दौरान कमांड एवं कंट्रोल की तत्काल स्थापना, विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी संचार एवं समन्वय, सशस्त्र खतरे से निपटने के लिए सामरिक प्रतिक्रिया, रासायनिक रिसाव को नियंत्रित करने, चिकित्सा ट्रायेज, घायलों को सुरक्षित निकालने तथा आपातकालीन चिकित्सा सहायता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का व्यावहारिक परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, एनडीआरएफ, तमिलनाडु डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (TNDRF), तमिलनाडु कमांडो फोर्स, तमिलनाडु पुलिस, एनटीईसीएल प्रबंधन, एनटीईसीएल अस्पताल एवं सेफ्टी विभाग सहित संबंधित टीमों ने सक्रिय भागीदारी की।
अभ्यास के सफल समापन के बाद पूरी कार्यवाही की जानकारी एनटीईसीएल के सीईओ अहमद कौनेन रजा तथा जीएम (ओएंडएम) बिमल कुमार साहा को दी गई। मॉक ड्रिल की कार्यवाही के संबंध में सीआईएसएफ के डीसी श्री रवि प्रकाश तथा तमिलनाडु कमांडो फोर्स के डीसी श्री कार्तिकेयन ने ब्रीफिंग दी। समूचे कार्यक्रम के समन्वय में सीआईएसएफ और एनटीईसीएल की टीम एचआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभ्यास में ओएंडएम के सभी विभागाध्यक्षों, हेड ऑफ सेफ्टी तथा एनटीईसीएल के हेड ऑफ एचआर डॉ. एन. सुरेंथिरन सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
मेगा मॉक ड्रिल ने यह प्रदर्शित किया कि महत्वपूर्ण विद्युत प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभ्यास के माध्यम से कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन तंत्र को निरंतर मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया।
