दुद्धी, सोनभद्र। दो – तीन के बाद मौसम में सुधार होते ही कुम्हार परिवार अपने पुश्तैनी कारोबार में एक बार फिर सक्रिय हो गया है। दीपावली और छठ पूजा नजदीक आते ही मिट्टी के दीपक एवं वर्तन तथा खिलौना आदि बनाने में लगे हुए हैं।बता दें कि दुद्धी क्षेत्र के मल्देवा, बघाडू सहित अन्य गांवों में बसे कुम्हार परिवार मिट्टी के दीया, घड़ा, ढकनी आदि बनाने में जुट जाते हैं लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन कारोबारियों को मिट्टी के दीए एवं घड़े बनाने का पूर्ण रूप से मौका नहीं मिल पाया,क्योंकि लगातार चार -पांच दिनों से बारिश होने एवं मौसम में नमी होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ हैं।
इसलिए कुम्हार परिवार की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। मिट्टी के कारोबार से जुड़े नंदलाल प्रजापति, अवधनाथ प्रजापति, प्रेमशंकर प्रजापति, पार्वती देवी का कहना हैं कि दीपावली पर्व काफी नजदीक हैं और आज मॉर्डन बाजार में भी मिट्टी के दीयों की मांग रहती हैं लेकिन मौसम खराब होने के कारण दीयों के निर्माण में कमी आयी हैं।अब मौसम सही हो गया हैं। इसलिए पूरा परिवार मिट्टी के दीयों, ढक्कनी, खिलौना, घड़ा, सुराही आदि बनाने में जुट गए हैं क्योंकि अब दीपावली का एक सप्ताह तथा छठ पूजा के लिए दो सप्ताह का समय हैं।
मिट्टी कारोबार से जुड़े कुम्हार अवधनाथ प्रजापति बताते हैं कि दीपावली में दीयों की मांग बढ़ जाती हैं लेकिन मेहनत के हिसाब मुनाफा नही मिल पाता लेकिन पुस्तैनी कारोबार होने के कारण इस कारोबार में पूरा परिवार जुटा रहता हैं।बताया कि पूरा परिवार मिलकर एक दिन 1000-1200 तक दीए बना लेते हैं।दीयों की बिक्री इस समय 80 से 100 प्रति सैंकड़ा हैं।कुम्हार परिवार से जुड़ी इंटर पास छात्रा राधा बिटिया बताती हैं कि मैं स्वयं चाक चलाकर दीया बर्तन बना लेती हूँ और समय -समय पर दीया और बर्तन बनाने में अपने पिता का सहयोग करती हूँ। वह बताती हैं कि यह सच हैं कि आज की युवा पीढ़ी इस कारोबार से दूर भाग रहे हैं।वह बताती हैं कि कारोबार कोई भी छोटा -बड़ा नही होता हैं नजरिया भले अलग हो सकती है।
मौसम में सुधार के बाद मिट्टी के दीयों एवं बर्तन बनाने में जुटा कुम्हार परिवार
