वन्दे मातरम भारत माता के प्रति प्रेम, आदर और समर्पण की भावना को अभिव्यक्त करता है -कार्यपालक निदेशक, कुमार शरद
बुलंदशहर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश भर के समस्त केन्द्रीय कार्यालयों एवं विभागों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में खुर्जा परियोजना में दिनांक 07 नवम्बर 2025 को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 09:50 बजे न्यू ऑफिस लॉन एरिया में हुआ, जिसमें परियोजना के सभी अधिकारीगण, FTB, JE एवं कर्मचारीगण उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. प्रभात कुमार, सहायक प्रबंधक (जनसंपर्क) ने “वन्दे मातरम्” के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और स्वाधीनता की भावना का प्रतीक रहा है।
इसके पश्चात् सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से “वन्दे मातरम्” का गायन कर राष्ट्रगीत के गौरवशाली 150 वर्षों का उत्सव मनाया। कार्यक्रम के अंत में कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम भारत माता के प्रति प्रेम, आदर और समर्पण की भावना को अभिव्यक्त करता है। इसे बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में लिखा गया था और पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी “वन्दे मातरम्” प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रगौरव, एकता और देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। कार्यक्रम को आयोजित कराने में मानव संसाधन विभाग की प्रमुख भूमिका रही।
