बीजपुर,(सोनभद्र)। बिजली बितरण निगम के लापरवाही का खामियाजा म्योरपुर और बभनी ब्लाक की आबादी को रोशनी और पानी को लेकर बराबर झेलना पड़ रहा है। बताया जाता है कि पिपरी से आनेवाली 33 केवीए मेन लाइन सहित ग्रामीण क्षेत्र में मकड़ी के जाल की तरह फैलाए गए उपकरण रख-रखाव और मरम्मत के अभाव में पूरी तरह से बर्वाद और जर्जर हो कर सड़ गल चुके हैं।
आये दिन बिजली के पोल तार गिरने के कारण सरकार द्वारा 18 घण्टा बिजली आपूर्ति का दावा महज हाथी के दाँत साबित हो रहे हैं। बितरण निगम के स्टोर में उपकरण का अभाव है। उपभोक्ताओं से वसूला गया बिजली बिल राजस्व खाते में जमा तो हो रहे हैं लेकिन मरम्मत और नए उपकरण के लिए सरकार फूटी कौड़ी तक नही दे रही है। इसीलिए कर्मचारियों अधिकारियों पर वेतन और सुख सुविधा के नाम पर करोड़ों खर्च के बाद भी बिजली बितरण ब्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में फेल हो गया है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि अगर किरबिल का सब स्टेशन चालू भी हो गया तो ग्रामीण इलाके में लगाए गए 11 केवीए और एलटी लाइन के जर्जर तार उपकरण से नियमित बिजली आपूर्ति महज उपभोक्ताओं के लिए लॉलीपॉप के समान रहेगा।
हल्की हवा हो या फिर तेज धूप अथवा बूंदा बांदी के बाद दो चार दिन बिजली गायब रहने से बच्चों की पढ़ाई लिखाई तथा आम दिनचर्या बिजली बितरण निगम की भेंट चढ़ चुका है। शनिवार की रात से बिजली आपूर्ति बेपटरी है हवा बारिश के कारण तमाम पोल तार जमींदोज हो गए हैं। बिजली आपूर्ति कब तक बहाल होगी यह संसय बना हुआ है। घरों में अंधेरा पसरा है तो पानी की समस्या सुरसा की तरह मुँह फैलाए खड़ी है। एसडीओ शिवम गुप्ता ने कहा कि 33 केवीए के 07 पोल टूट गए हैं इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी कुछ तार पोल गिरा है कोशिश की जा रही है कि जल्द आपूर्ति बहाल किया जा सके।
बिजली निगम के लापरवाही के कारण रख-रखाव के अभाव में अनुपयोगी बने उपकरण
