मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्री कल वाराणसी– नई दिल्ली के बीच शुरू हो रही वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

Spread the love

नई रेल सेवा से तीर्थयात्रियों, विद्यार्थियों एवं कामकाजी लोगों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच तेज, सुविधाजनक एवं आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा का विकल्प मिलेगा

प्रयागराज। भारतीय रेल द्वारा आधुनिक रात्रिकालीन रेल सेवाओं के विस्तार की दिशा में वाराणसी और नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का शुभारंभ किया जा रहा है। इन सेवाओं से दोनों शहरों के बीच रेल संपर्क और सुदृढ़ होगा तथा लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कल वाराणसी से वाराणसी–नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

जनवरी 2026 में हावड़ा–गुवाहाटी रेलखंड पर वंदे भारत स्लीपर सेवा तथा वापसी दिशा में संबंधित सेवा के शुभारंभ के बाद अब इस नई सेवा के माध्यम से आधुनिक पीढ़ी की इन रेलगाड़ियों का लाभ अन्य क्षेत्रों के यात्रियों को भी मिलेगा। उन्नत यात्री सुविधाओं, आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों तथा सुव्यवस्थित शयनयान व्यवस्था से युक्त इन रेलगाड़ियों के माध्यम से भारतीय रेल लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को अधिक आरामदायक, विश्वसनीय एवं यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

वाराणसी–नई दिल्ली: प्रमुख तीर्थस्थल एवं राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क होगा सुदृढ़

वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा से देश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल वाराणसी का राष्ट्रीय राजधानी के साथ रेल संपर्क और बेहतर होगा। वाराणसी में वर्षभर तीर्थयात्रियों, देश-विदेश के पर्यटकों, विद्यार्थियों तथा अन्य यात्रियों का आवागमन होता रहता है। नई दिल्ली के साथ बेहतर रात्रिकालीन रेल संपर्क से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, प्रशासनिक एवं पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

यह रेल सेवा वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ एवं गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहराव के उपरांत नई दिल्ली पहुँचेगी। ये स्टेशन प्रमुख शहरी केंद्रों को रेल संपर्क प्रदान करते हैं तथा आसपास के जनपदों के यात्रियों को भी लाभ पहुँचाते हैं। इससे आधुनिक रेल यात्रा सुविधाओं का लाभ अधिकाधिक यात्रियों तक पहुँचेगा। वाराणसी से यह रेल सेवा रात्रि 20:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन प्रातः 06:10 बजे नई दिल्ली पहुँचेगी। वापसी दिशा में यह नई दिल्ली से रात्रि 21:40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन प्रातः 07:10 बजे वाराणसी पहुँचेगी।

वर्तमान शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस से वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट तथा नई दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट की बचत होगी। इससे दोनों दिशाओं में यात्रियों को कम समय में रात्रिकालीन यात्रा पूरी करने का विकल्प मिलेगा। यह रेल सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली सेवा शुक्रवार को तथा नई दिल्ली से चलने वाली सेवा शनिवार को संचालित नहीं होगी। इस रात्रिकालीन समय-सारणी से यात्री शाम को यात्रा प्रारंभ कर अगले दिन प्रातः अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे तथा अपने समय का अधिक प्रभावी उपयोग कर सकेंगे। यह सेवा विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच नियमित यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों तथा परिवारों के लिए उपयोगी होगी।

वंदे भारत स्लीपर: रात्रिकालीन रेल यात्रा को मिलेगा नया आयाम

लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई वंदे भारत स्लीपर रेलगाड़ी में आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणालियों एवं यात्री-अनुकूल सुविधाओं का समावेश किया गया है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के दौरान यात्रियों को अधिक आरामदायक एवं सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है। इसमें शयन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा अन्य यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रमुख विशेषताएँ

  1. विद्युत प्रणाली एवं कार्यनिष्पादन
  • ऊर्जा दक्षता के लिए पुनर्योजी ब्रेकिंग प्रणाली (Regenerative Braking System)।
  • कोच के निचले हिस्से में स्थापित प्रणोदन प्रणाली (Under-slung Propulsion System)।
  • उन्नत वायुगतिकीय डिजाइन, सुगम त्वरण तथा झटकारहित यात्रा।
  1. डिजाइन एवं अन्य सुविधाएँ
  • EN 15227 के टक्कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील (SS) से निर्मित कोच बॉडी।
  • त्वरित रिलीज तंत्र से युक्त पूर्णतः सीलबंद लचीला गैंगवे।
  • केंद्रीय रूप से नियंत्रित सिंगल-लीफ स्वचालित स्लाइडिंग प्लग दरवाजे।
  • कोच के भीतर शोर को कम करने के लिए ध्वनि-रोधन एवं शोर नियंत्रण की व्यवस्था।
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रकाश व्यवस्था के लिए एलईडी लाइटें।
  • सेंसर-आधारित इंटरकम्युनिकेशन दरवाजा।
  1. सुरक्षा एवं संरक्षा
  • EN 45545 के HL3 श्रेणी के अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था।
  • कोच के अंतिम भाग की दीवारों पर अग्नि अवरोधक दरवाजे।
  • ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (TCAS)।
  • आपदा प्रबंधन के लिए प्रकाश व्यवस्था।
  • धुआँ एवं आग का पता लगाने वाली प्रणाली (FDS)।
  • सुरक्षा एवं यात्रियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे।
  • यात्री अलार्म हेतु आपातकालीन पुश बटन।
  1. आराम एवं यात्री सुविधाएँ
  • वैक्यूम निकासी प्रणाली से युक्त आधुनिक, दुर्गंधरहित एवं सुविधाजनक शौचालय।
  • दिव्यांगजन के लिए विशेष शयनयान एवं शौचालय की व्यवस्था।
  • पर्याप्त सामान रखने की जगह सहित आधुनिक यात्री सुविधाएँ।
  • बीआरएल (BRL) प्रणाली के साथ तीन-पिन चार्जिंग सॉकेट एवं स्विच।
  • टाइप-A एवं टाइप-C यूएसबी चार्जिंग पोर्ट।
  • पीएपीआईएस (PAPIS) आधारित लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर एवं यात्रियों के बीच संचार प्रणाली।
  • प्रथम वातानुकूलित श्रेणी (First AC) में गर्म पानी की सुविधा सहित शॉवर।
  • एक्सेस पॉइंट नेटवर्क सहित वाई-फाई राउटर।
  • चालक केबिन एवं रेलकर्मियों के शौचालय में वातानुकूलन की सुविधा।

इन आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से भारतीय रेल का उद्देश्य उन्नत इंजीनियरिंग, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा एवं परिचालन दक्षता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *