अभिभावकों में भारी आक्रोश, स्कूली बच्चों की अनदेखी क्यों ?
दुद्धी(सोनभद्र ) सोनभद्र में चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद स्कूलों को खुला रखा गया। मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा लगातार सतर्कता बरतने की अपील की जा रही थी, लेकिन धरातल पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी अनदेखी देखने को मिल रही है। गुरुवार को बारिश और खराब मौसम के बीच छोटे-छोटे बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर दिखे तों वहीं अभिभावक भी बारिश में भीगते हुए किसी तरह स्कूल छोड़ने और फिर लेने पहुंचे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई स्कूलों में इस समय परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण बच्चे चाहकर भी स्कूल से छुट्टी नहीं ले पा रहे हैं। परीक्षाओं में शामिल होने के दबाव में छात्र अपनी सेहत और सुरक्षा को ताक पर रखकर, छाता और बरसाती के सहारे जलजमाव वाले रास्तों से गुजर रहे हैं।
एक तरफ जिला प्रशासन सोशल मीडिया और मीडिया माध्यमों से लोगों को घरों में रहने और चक्रवात को लेकर सावधान रहने की हिदायत दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ, शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को बंद करने या परीक्षाओं को स्थगित करने का कोई ठोस निर्णय न लिए जाने से अभिभावकों में भारी आक्रोश है।अभिभावकों का कहना है कि यदि रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती है, या चक्रवाती हवाओं के कारण पेड़ या बिजली के पोल गिरते हैं, तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा ? भीगते हुए परीक्षा देने जाने के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है, क्योंकि गुरुवार को जिस तरह बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के बच्चें स्कूल या परीक्षा देने पहुंचे वह किसी खतरे से कम नही था। स्वास्थ्य सूत्रों का साफ कहना हैं कि इस मौसम में अगर कोई बच्चा पूर्ण रूप से भीग जाता हैं और वह ठंडे हवा के प्रकोप में आता हैं तों उसके स्वास्थ्य को खतरा हो सकता हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मांग की है कि मौसम के सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से स्कूलों में छुट्टी घोषित की जाए और परीक्षाओं को आगे के लिए टाल दिया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
