एनटीपीसी मौदा एवं महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरणीय प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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मौदा । एनटीपीसी मौदा द्वारा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के सहयोग से 22 अक्टूबर को सर्वोत्तम पर्यावरणीय प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सतत विद्युत उत्पादन, राख का उपयोग, मिल रिजेक्ट प्रबंधन, मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, विसरित धूल उत्सर्जन नियंत्रण तथा प्रदूषण की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

कार्यक्रम में एमपीसीबी की क्षेत्रीय अधिकारी सुश्री हेमा एम. देशपांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर एनटीपीसी मौदा के कार्यकारी निदेशक जोसेफ बास्टियन, एनटीपीसी मौदा के वरिष्ठ अधिकारी तथा नागपुर, अमरावती और भंडारा से आए एमपीसीबी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम में महाजेनको के कोराडी, खापरखेड़ा एवं पारस विद्युत केंद्रों, चंद्रपुर, साई वर्धा पावर, अदाणी पावर के तिरोड़ा संयंत्र, वीआईपीएल बुटीबोरी थर्मल पावर स्टेशन, रतन इंडिया, आइडियल एनर्जी तथा ग्रीनटेक फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं एवं अपने अनुभवों को साझा किया। इस दौरान चक्रीय अर्थव्यवस्था, संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग तथा सतत प्रथाओं के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने पर विशेष बल दिया गया।

तकनीकी सत्रों में पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग तथा पर्यावरणीय निष्पादन में निरंतर सुधार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने एनटीपीसी मौदा द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई जा रही पहलों और सर्वोत्तम प्रथाओं की सराहना की।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने एनटीपीसी मौदा की फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) तथा जिप्सम उत्पादन इकाइयों का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्हें सल्फर उत्सर्जन नियंत्रण तथा जिप्सम के लाभकारी उपयोग के लिए अपनाई जा रही तकनीकों एवं पहलों की जानकारी दी गई। पर्यावरण प्रबंधन समूह (ईएमजी) एवं राख उपयोगिता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, सतत संसाधन प्रबंधन तथा स्वच्छ विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों के प्रति एनटीपीसी मौदा की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

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