नौ दिनों तक संस्कृति और भक्ति का संगम, हिंडालको महान में भव्य रावण दहन के साथ विजयादशमी का समापन

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*हजारों दर्शकों की मौजूदगी में जला रावण का पुतला, रामलीला, गरबा-डांडिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने नौ दिनों तक बांधा समां*

सिंगरौली। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी का पर्व हिंडालको महान में हर्षोल्लास, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य रावण दहन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शक शामिल हुए। रावण के पुतले का दहन होते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस उत्सव का आनंद लिया। हिंडालको महान में नवरात्रि के नौ दिन धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्सवी माहौल के बीच इस तरह बीते कि लोगों को समय का एहसास ही नहीं हुआ। नौ दिनों तक आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने संस्थान परिसर को भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रखा। रामलीला के मंचन से लेकर गरबा-डांडिया, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों तक हर आयोजन में लोगों का उत्साह देखने लायक रहा।

*रामलीला के मंचन ने जीवंत किए भगवान श्रीराम के आदर्श*

नवरात्रि के दौरान आयोजित रामलीला आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रामलीला में विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों तथा धर्म की स्थापना की कथा को मंच पर जीवंत किया। दर्शकों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का आनंद लिया। रामलीला के माध्यम से सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यपालन का संदेश लोगों तक पहुंचा।

*गरबा-डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखा उत्साह*

नौ दिनों तक चले सांस्कृतिक आयोजनों में बच्चों, महिलाओं तथा संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गरबा-डांडिया, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने आयोजन को पारिवारिक और सामुदायिक उत्सव का रूप दिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने और आपसी मेल-जोल बढ़ाने का अवसर मिला।

*हजारों दर्शकों की मौजूदगी में हुआ रावण दहन*

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन नवरात्रि उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा। रावण के पुतले के दहन के साथ ही असत्य पर सत्य की विजय का संदेश गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने इस भव्य आयोजन का आनंद लिया। रावण दहन ने लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराई का त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

*शीर्ष प्रबंधन ने की आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना*

नवरात्रि और विजयादशमी के कार्यक्रमों को सफल बनाने में संस्थान के शीर्ष प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इकाई प्रमुख लिनु पंचमन, मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा, पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक, स्मेल्टर हेड एस. शशि कुमार, वित्त प्रमुख रोहित मतेति तथा महान रामलीला कमेटी के राम जतन गुप्ता ने आयोजन की सफलता में अहम योगदान दिया। शीर्ष प्रबंधन ने रामलीला के पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों, टेंट, लाइट, कैमरा और सुरक्षा व्यवस्था में लगे सदस्यों, सांस्कृतिक टीम, कोरियोग्राफर तथा आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के परिश्रम और समर्पण की सराहना की। आयोजन की सफलता में सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय, सामूहिक प्रयास और टीम भावना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*टीम भावना और सांस्कृतिक एकजुटता का बना उदाहरण*

हिंडालको महान में नौ दिनों तक चले नवरात्रि उत्सव और विजयादशमी के आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकजुटता और सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया। कर्मचारियों, अधिकारियों, महिलाओं, बच्चों और आयोजन समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने इस उत्सव को यादगार बनाया। विजयादशमी का पर्व संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। हिंडालको महान में आयोजित नवरात्रि उत्सव और भव्य रावण दहन ने इसी शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

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