मां मंगला गौरी दुर्गा पूजन समिति मधुपुर में हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन
सोनभद्र। माँ मंगला गौरी दुर्गा पूजन समिति मद्धुपुर के तत्वावधान में रविवार रात विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सैकड़ो श्रोताओं की उपस्थिति व पहली बार हो रहे कवि सम्मेलन को सुनने का उत्साह उल्लेखनीय रहा। संयोजन नव प्रवाह साहित्यिक मंच सोनभद्र ने किया। वाणी वंदना करती हुई कवयित्री दिव्या राय शिक्षक ने, अर्चना करती हूँ प्यार दे माँ शारदे से विधिवत् सारस्वत यज्ञ का आगाज हुआ। अध्यक्षता करते हुए शहीद स्थल करारी प्रमुख प्रदुम्न त्रिपाठी ने, बंदूक तोप खंजर की बात मत करिये खूनी मंजर की बात मत करिये रहें मिलजुल के सभी आदमी बनकर बहार खिलती रहे बंजर की बात मत करिये सुनाकर सत्ता व आदमी को सोचने पर विबस कर झकझोरा नसीहत दिये।
सफल संचालन करते हुये वाराणसी से आये नाथ सोनांचली ने, हम अपने हाथ में जब भी कलम उठाते हैं, तो हाकिमों के कलेजे भी कांप जाते हैं सुनाकर वाहवाही लूटी। दिव्या राय ने नारी सशक्तिकरण पर, मत रोक सांवरिया घूंघट में मुझे नील गगन तक जाने दे, चंदौली से आये बंधू पाल बंधू ने, हास्य व्यंग्य की रचना, का बतलाईं हे भैया घरवां वाली परधान हो गईल सुनाकर देर तक हंसाते रहे। गोपाल कुशवाहा शिक्षक अध्यक्ष नव प्रवाह साहित्यिक मंच सोनभद्र ने, आग पानी में लगाते हैं लगाने वाले, चैन से यार रहेंगे न जमाने वाले सुनाकर संवेदना मुखरित किये सराहे गये। मिरजापुर से आये हास्य व्यंग्य कवि नर सिंह साहसी ने फिल्मी पैरोडी व समसामयिक कटाक्ष से शमां बांधा उनकी रचना, ज्ञान गंगा में गोता लगाव करा, आग सगी लगल बा बुझावल करा को खूब तालियां मिली। दिवाकर दिवेदी मेघ ने, शान शोहरत दंभ और पाखंड के कचरे तले, आदमी भी है कहें तो बेईमानी हो गयी सुनाकर इंसानियत की वकालत किये और महफ़िल में चार चांद लगाये।
वाराणसी से आये प्रवक्ता डा, छोटेलाल मनमीत ने, बुझते हुये चराग की तुम रौशनी बनो सुनाकर, आम आदमी की पीर रुदन संत्रास को स्वर देकर महफ़िल लूट लिया। शाइर अशोक तिवारी ने, न तेरा है न मेरा है ए हिंदुस्तान सबका है, नहीं समझी गई ए बात तो नुकसान सबका है सुनाकर कौमी एकता का परचम लहराये। शिक्षक राधेश्याम पाल श्याम ने, सामाजिक विसंगति पर ऊँगली रखते हुए, लगा के कुंभ में डुबकी भला हो जायेगा क्या, पड़ा जो पाप का धब्बा सफा हो जायेगा क्या सुनाकर लोगों को कविता की सार्थकता व तथ्य को बिंबित कर चिंतन दिये सुने गये। प्रमोद कुमार निर्मल ने वीर रस की रचना, वतन खातिर हथेली पर मै अपनी जान रखता हूँ सुनाकर देर तक जय हिंद वंदेमातरम का उद्दघोष कराते रहे। आयोजन भोर तक चला सभीं वर्ण व वर्ग संप्रदाय के सैकड़ों लोग पूरी रात हौसला आफ़ज़ाई करते रहे।
इस अवसर पर मां मंगला गौरी समिति के सदस्य ,भगवान दास यादव ,रवि सेठ, राजू चौरसिया ,राजेश,सतीश जायसवाल,विकास, मृत्युंजय ,अनिल चौरसिया, फारुक अली ने कवियों का उत्साह वर्धन किया।तथा जिला पंचायत सदस्य चुर्क मोहन कुशवाहा ,जिला पंचायत सदस्य मधुपुर उषा देवी,अजीत कुमार ,मनोज कुशवाहा,ग्राम प्रधान मझूई व मधुपुर ,नवीन मौर्य,प्रवीण,कृधा केयर के डायरेक्टर डा0 विशेश्वर चौहान ,तथा दिनेश ,अरविंद प्रदीप ,सुरेश ,प्रीतम कमलेश आदि पूरी रात जमे रहे।
