मुख्यमंत्री ने बरेली में ‘प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान’ कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया

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ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि तथा ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 05 लाख रु की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा

प्रत्येक जिले में ग्राम प्रहरी के रिक्त पदों पर स्थानीय व्यवस्था के अन्तर्गत नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए- मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। गांव में सजग रहकर सही सूचनाएं समय से पुलिस तक पहुंचाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है। ग्राम प्रहरी जितने सजग और सचेत होंगे, गांव उतना ही सुरक्षित होगा। सुरक्षित गांव आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा और आत्मनिर्भर गांव से आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री आज जनपद बरेली में पुलिस सहयोग एवं अपराध नियंत्रण में सराहनीय योगदान देने वाले ‘प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। उन्होंने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि करने तथा ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की।  

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह किया गया। ग्राम प्रहरियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय तथा सुविधाओं में निरन्तर सुधार किया जा रहा है। वर्ष 2019 में उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए टॉर्च और डंडा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया था। अब उनके मानदेय में अतिरिक्त वृद्धि तथा स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्य के माध्यम से अपनी भूमिका और पद की उपयोगिता को स्थापित करना होगा, ताकि वे ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव के रूप में पहचाने जाएं। वर्ष 2017 से पूर्व ग्राम प्रहरियों की भूमिका और उनकी आवश्यकताओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता था। प्रदेश में पहले लगभग 68,000 ग्राम पंचायतें थीं। अनेक ग्राम पंचायतों को नगर निकायों में शामिल किया गया और ग्राम पंचायतों का विस्तार भी हुआ। वर्तमान में प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। राजस्व गांवों की संख्या लगभग 1,05,000 है। इतनी बड़ी ग्रामीण संरचना में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्राम प्रहरियों का सम्मान उनके परिश्रम और पुरुषार्थ से अर्जित सम्मान है। आज के समारोह में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सरकार ग्राम प्रहरियों की भूमिका को महत्व देती है। प्रदेश के सभी ग्राम प्रहरी अच्छाई और बुराई के बीच अन्तर समझते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जनता ने बुराई का साथ देने वालों को जवाब दिया है और अच्छाई के मार्ग पर चलने वालों ने प्रदेश को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। उत्तर प्रदेश अच्छा होगा तो प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों का सम्मान बढ़ेगा। इस परिवर्तन में ग्राम प्रहरियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि ग्राम प्रहरियों के सम्मान के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ग्राम प्रहरियों के समर्पण और कार्यां को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा उनके मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। ग्राम प्रहरियों के बिना ग्रामीण क्षेत्रों की सूचना व्यवस्था को प्रभावी बनाना सम्भव नहीं है। शान्ति व्यवस्था बनाये रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता सुनिश्चित करने में ग्राम प्रहरियों का महत्वपूर्ण योगदान है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार से गांवों में सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है। ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों का महत्वपूर्ण योगदान है। अब लोग अपनी सम्पत्ति और पशुधन की सुरक्षा को लेकर पहले की तुलना में अधिक निश्चिंत हैं। ग्राम प्रहरी संदिग्ध गतिविधियों, भूमि विवादों, आपसी तनाव और शान्तिभंग की आशंका से सम्बन्धित सूचनाएं तत्काल पुलिस को उपलब्ध करायें। थाना प्रभारी ग्राम प्रहरियों के साथ नियमित बैठकें करें तथा प्राप्त सूचनाओं पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ अरुण कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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