0 कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता बोले-साइबर सुरक्षा केवल आईटी विभाग की नहीं, पूरे संगठन की जिम्मेदारी
सोनभद्र। एनटीपीसी विंध्याचल में साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता को मजबूत करने की दिशा में 12 अक्टूबर,2026 को अर्ध दिवसीय जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान ने आईटी विभाग के सहयोग से स्टेशन नेतृत्व एवं स्टेशन प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य निर्बाध विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करने के साथ महत्वपूर्ण विद्युत संरचना को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता ने किया। उन्होंने मुख्य वक्ता एम.ए.के.पी. सिंह का स्वागत किया। सिंह केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सदस्य (जलविद्युत) तथा विद्युत मंत्रालय के पूर्व मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी रह चुके हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर महाप्रबंधक (आईटी) सौरभ बनौधा ने कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता, महाप्रबंधक मणिक्यन सुरेश, देबब्रत त्रिपाठी, निर्मल कुमार सिंह, एसएमसी सदस्यों एवं विभागाध्यक्षों का स्वागत किया। उन्होंने तेजी से विकसित हो रही डिजिटल तकनीकों के साथ बढ़ते साइबर खतरों को समझने और उनसे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता ने कहा कि डिजिटल तकनीकों और परस्पर जुड़े नेटवर्क के बढ़ते उपयोग के दौर में साइबर सुरक्षा केवल आईटी विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि परिचालन सुरक्षा, विद्युत उत्पादन की विश्वसनीयता और संगठन की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने स्काडा (ैब्।क्।), संरक्षण प्रणालियों और आईटी नेटवर्क से जुड़े संभावित जोखिमों का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और पूर्व तैयारी साइबर खतरों से बचाव की पहली रक्षा पंक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नेतृत्व स्तर पर साइबर सुरक्षा की समझ विकसित करने, संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करने और पूरे संगठन में जिम्मेदार साइबर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
