प्रयागराज मंडल में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, 4,056 जल नमूनों का परीक्षण

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 प्रयागराज । मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रयागराज मंडल द्वारा जल गुणवत्ता की नियमित जांच एवं सतत निगरानी की जा रही है। मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं परिसरों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार जल की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 26 अगस्त 2026 से 06 अक्टूबर 2026 के बीच प्रयागराज मंडल में कुल 4,056 जल नमूनों की जांच की गई। इनमें 3,731 अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine), 317 बैक्टीरियोलॉजिकल तथा 8 केमिकल एनालिसिस के नमूने शामिल हैं।

अवशिष्ट क्लोरीन की जांच के माध्यम से पेयजल में क्लोरीनीकरण की स्थिति की निगरानी की जाती है। बैक्टीरियोलॉजिकल जांच से पानी में सूक्ष्मजीवों की स्थिति का परीक्षण किया जाता है, जबकि केमिकल एनालिसिस के माध्यम से जल के विभिन्न रासायनिक मानकों की जांच की जाती है। इन जांचों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगे पेयजल नलों, वाटर कूलरों, जल भंडारण टंकियों तथा अन्य पेयजल स्रोतों की नियमित जांच की जा रही है। इसके साथ ही जल भंडारण टंकियों की समय-समय पर सफाई, पेयजल स्थलों के आसपास स्वच्छता तथा जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जांच के दौरान यदि निर्धारित गुणवत्ता मानकों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता को लगातार बनाए रखना और यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है। पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित जांच एवं सतत निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की गई है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

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