नागपुर। एनटीपीसी मौदा में राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में ‘भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी सॉफ्टवेयर की उपयोगिता’ विषय पर राजभाषा हिंदी कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से बहुभाषी अनुवाद को सरल, सुगम एवं प्रभावी बनाना था।
कार्यशाला में जोसेफ बास्टियन, कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी मौदा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुनील चंद्र दास, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं प्रचालन) तथा संजय कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं राख प्रबंधन) सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अनुभागाध्यक्ष तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के मानद प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
कार्यशाला के वक्ता अनिल त्रिपाठी, उप निदेशक (राजभाषा), कार्यालय प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़), भोपाल ने ‘भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी’ सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रभावी उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्रतिभागियों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा तथा इसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने डिजिटल अनुवाद तकनीक के प्रति उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा यह समझ विकसित की कि तकनीक और राजभाषा का समन्वय कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक सहज एवं प्रभावी बना सकता है।
इस अवसर पर एनटीपीसी मौदा ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से हिंदी को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। एनटीपीसी मौदा का प्रयास है कि हिंदी केवल राजभाषा के रूप में ही नहीं, बल्कि सुगम, सरल और प्रभावी कार्यालयीन संचार की भाषा के रूप में भी निरंतर आगे बढ़े।
