प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल परिसर को पूरी तरह से कचरा मुक्त बनाने और अनुपयोगी संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ज़ीरो स्क्रैप मिशन’ के तहत इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 4,95,323 अनुपयोगी पीएससी/पीआरसी स्लीपरों को सफलतापूर्वक बेचा है। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के कुशल दिशा-निर्देशों और प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक एस.पी. द्विवेदी के मार्गदर्शन में स्क्रैप के निस्तारण कार्य को अत्यधिक गति दी जा रही है। इस वृहद स्क्रैप निस्तारण प्रक्रिया से न केवल रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है, बल्कि स्टेशनों और रेल पटरियों के किनारे पड़ी बहुमूल्य रेलवे भूमि पूरी तरह से खाली हो गई है।
इस विशेष अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हुए, प्रयागराज मंडल ने अकेले सितंबर 2026 में ही 1,41,644 पीएससी/पीआरसी स्लीपरों का निस्तारण किया है। इसके साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 3,46,731 स्लीपरों का निस्तारण किया जा चुका है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि (सितंबर माह तक) में निस्तारित किए गए कुल 86,755 स्लीपरों की तुलना में अत्यधिक है, जिसके सापेक्ष प्रयागराज मंडल ने इस वित्तीय वर्ष में स्लीपर निस्तारण का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
उत्तर मध्य रेलवे ‘ज़ीरो स्क्रैप मिशन’ के अंतर्गत रेल परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और कबाड़ मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुपयोगी स्क्रैप के त्वरित निस्तारण से न केवल रेल परिचालन व सुरक्षा सुदृढ़ होती है, बल्कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के उद्देश्यों की पूर्ति के साथ रेलवे को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होता है। उत्तर मध्य रेलवे संपूर्ण जोन को ‘पूर्णतः स्क्रैप मुक्त’ करने के संकल्प के साथ निरंतर प्रयासरत है।
