प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने अपने तीनों मंडलों—प्रयागराज, झांसी और आगरा में सभी स्टेशनों पर यात्रियों एवं रेलवे कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। जल गुणवत्ता की निरंतर निगरानी, अवशिष्ट क्लोरीन (रेसिड्यूअल क्लोरीन) की जांच और नियमित बैक्टीरियोलॉजिकल/रासायनिक परीक्षणों के माध्यम से स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल बूथों, प्लेटफार्मों, वाटर कूलरों और आरओ सिस्टम का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को त्वरित सुधार हेतु संबंधित इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल विभागों को भेजा जा रहा है।
इसी क्र में जल परीक्षण प्रक्रिया के तहत दिनांक 12.09.2026 से 18.09.2026 तक में तीनों मंडलों में किए गए कुल 2,036 परीक्षण किये गए। साथ ही बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण और रासायनिक परीक्षण भी किए गए। इसके अतिरिक्त 20 अगस्त से शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत, उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में स्थित 8,766 ओवरहेड, भूमिगत और पीवीसी पानी की टंकियों की सफाई और कीटाणुशोधन का लक्ष्य रखा गया था। 18 सितंबर 2026 तक कुल 7,959 पानी की टंकियों की सफाई पूरी की जा चुकी है, जो कि 90.79% प्रगति को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों (CHI) की तैनाती वाले स्टेशनों पर दिन में दो बार तथा अन्य स्टेशनों पर महीने में एक बार अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रमुख स्टेशनों पर मासिक और अन्य स्टेशनों पर प्रति छह माह में बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
